ब्रा से LIVE मैच में धोखाधड़ी, 16 सेकेंड का ये 'खेल' दिमाग घुमा देगा

Published on 5 अग॰ 2026

ब्रा से LIVE मैच में धोखाधड़ी, 16 सेकेंड का ये 'खेल' दिमाग घुमा देगा

महिला खिलाड़ियों पर गंभीर आरोप (फोटो-GETTY IMAGES)

खेल में अकसर खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर नाम और पैसा कमाते हैं लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो शॉर्ट कट का सहारा लेकर जीत हासिल करना चाहते हैं. कुछ ऐसा ही दुनिया की सबसे मशहूर साइकिल रेस TOUR DE FRANCE में में हुआ है. टूर डी फ्रांस फेम्स में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. कुछ महिला साइकिल सवारों पर आरोप लगा है कि वो अपनी ब्रा में पैडिंग लगाकर स्पीड बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं. ब्रा में पैडिंग से कैसे इन महिला साइकिल सवारों का फायदा मिलता है और ये फर्क कितना होता है आइए आपको बताते हैं.

ब्रा के जरिए LIVE मैच में चीटिंग

बेल्जियम और डच साइकिलिंग वेबसाइट वीलरफिल्ट्स की रिपोर्ट है कि कई साइकिल सवार अपनी चेस्ट पर अतिरिक्त पैडिंग लगाकर हवा की रुकावट को कम कर रही हैं. इसे चेस्ट फेयरिंग कहा जा रहा है. इससे साइकिल सवार को टाइम ट्रायल में फायदा मिल सकता है. मतलब जब महिला खिलाड़ी साइकिल चलाती हैं तो जो हवा उनकी छाती पर लगती है वो ब्रा पर एक्स्ट्रा पैडिंग की वजह से आसानी से शरीर से पास हो जाती हैं. इससे उनकी रेस लगभग 16 सेकेंड तक खत्म हो सकती है.

The International Cycling Union (UCI) had officially introduced stricter measures against what riders had called “bra doping” at the Tour de France Femmes. Race organizers had implemented mandatory pre-race clothing checks starting with the Stage 4 individual time trial.

— Tomson (@TomsonWoo) August 5, 2026

स्कॉटलैंड के हीरियट-वाट यूनिवर्सिटी के एयरोडायनामिक्स प्रोफेसर बर्ट ब्लॉकेन ने भी बताया कि किस तरह छाती पर पैडिंग लगाने से हवा का असर कम किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि छाती पर पैडिंग लगाने से हवा का दबाव लगभग 3.6 प्रतिशत तक कम हो सकता है. इतना अंतर टाइम ट्रायल का नतीजा बदलने के लिए काफी हो सकता है.

ब्रा से हो रही धोखाधड़ी पर आयोजक सख्त

टूर डी फ्रांस फेम्स के आयोजकों के सामने जब ये रिपोर्ट आई तो उन्होंने कहा कि इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए वो कदम उठाएंगे. आयोजकों ने कहा कि अब रेस से ठीक 10 मिनट पहले खिलाड़ियों को अपनी साइकिल और ड्रेस चेक करानी होगी. इंटरनेशनल साइकिलिंग एसोसिएशन के नियमों में कपड़ों को अपने तरीके से बदलना मना है. पकड़े जाने पर खिलाड़ी डिस्क्वालिफाई हो सकता है, या उसपर जुर्माना लग सकता है. बता दें मेंस टूर में भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं. अब इस विवाद ने महिलाओं के टूर में चर्चा बढ़ा दी है कि क्या नियम सख्ती से लागू किए जाएंगे या नहीं. (वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें)

अनूप देव सिंह

अनूप देव सिंह

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल  2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.

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