उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए सोमवार को 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भव्य लोकार्पण कर दिया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने सेना के हेलीकॉप्टर से आयोजन स्थल पर पहुंचकर इस अत्याधुनिक प्रोजेक्ट को जनता को समर्पित किया।
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका अत्याधुनिक और बाधा रहित टोलिंग सिस्टम है।
- Published: 13 Jul 2026, 05:23 PM IST
- Last Updated: 13 Jul 2026, 05:23 PM IST
उत्तर प्रदेश के दो बड़े औद्योगिक और प्रशासनिक केंद्रों को आपस में जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का सोमवार को लोकार्पण हुआ इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौजूद रहें। इस 63 किलोमीटर लंबे अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच की दूरी बेहद सिमट गई है, जिससे दोनों शहरों के साथ-साथ पूरे प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई विंग मिलेगी।
दो बड़े हाईवे को आपस में जोड़ेगा यह नया रूट, उन्नाव और रायबरेली के लोगों की राह भी हुई बेहद आसान
इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने से न केवल लखनऊ और कानपुर के चालकों को फायदा होगा, बल्कि आसपास के जिलों के निवासियों के लिए भी यह वरदान साबित होने वाला है। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे रणनीतिक रूप से दो प्रमुख हाईवे को आपस में जोड़ रहा है।
इसी कनेक्टिविटी के चलते उन्नाव और आसपास के जिलावासी अब इस नए रूट का उपयोग करके एक तरफ बेहद कम समय में लालगंज रायबरेली पहुंच सकेंगे, वहीं दूसरी ओर वे बिना किसी ट्रैफिक जाम के कानपुर-लखनऊ हाईवे पर भी आसानी से आ-जा सकेंगे। इस बाईपास और लूप सिस्टम से क्षेत्रीय यातायात का दबाव पुराने रास्तों पर काफी हद तक कम हो जाएगा और ईंधन की भी बड़ी बचत होगी।
बिना बैरियर के गाड़ी की रफ्तार में ही स्कैन हो जाएगा फास्टैग, जानिए नए एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे (NH-27) के खर्च का पूरा गणित
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका अत्याधुनिक और बाधा रहित टोलिंग सिस्टम है। एनएचएआई के अफसरों ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे पर यात्रा करते समय टोल टैक्स चुकाने के लिए गाड़ियों को न तो रोकना पड़ेगा और न ही यहां कोई पारंपरिक बैरियर दिखाई देगा। टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर पहले ही बेहद शक्तिशाली हाई डेफिनेशन कैमरे लगाए गए हैं, जो गाड़ी की तेज रफ्तार के दौरान ही उसकी नंबर प्लेट और फास्टैग को ऑटोमैटिक स्कैन कर लेंगे और टोल राशि खाते से कट जाएगी।
अगर खर्च की बात करें, तो इस नए एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का टोल टैक्स 275 रुपये निर्धारित किया गया है। नए रूट से कार द्वारा एकतरफा यात्रा करने पर सीएनजी कार में 210 रुपये, डीजल कार में 230 रुपये और पेट्रोल कार में 250 रुपये का ईंधन खर्च होगा, यानी कुल खर्च क्रमश: 485 रुपये, 505 रुपये और 525 रुपये आएगा।
इसके विपरीत, पुराने हाईवे (NH-27) से यात्रा करने पर केवल 95 रुपये का टोल टैक्स लगता है और वहां डीजल कार से 305 रुपये व पेट्रोल कार से 325 रुपये का कुल खर्च आता है। पुराना रास्ता नए एक्सप्रेसवे की तुलना में करीब 200 रुपये सस्ता पड़ेगा, लेकिन वहां सफर में आधा घंटा समय अधिक लगेगा। अब यह जनता पर निर्भर करता है कि वे समय बचाने के लिए नए एक्सप्रेसवे को चुनते हैं या पैसे बचाने के लिए पुराने हाईवे को।