महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में सुधार के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया जारी है. चुनाव आयोग की ओर से कल सोमवार को जारी की गई ड्राफ्ट लिस्ट से करीब 2 करोड़ से भी अधिक वोटर्स के नाम काट दिए गए हैं. जबकि एसआईआर शुरू होने से पहले राज्य में 9.78 करोड़ वोटर्स हुआ करते थे. वहीं ड्राफ्ट लिस्ट में नासिक और मुंबई उपनगर में लैंगिक अंतर सबसे अधिक पाया गया है.
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कल सोमवार को SIR-2026 प्रक्रिया के तहत सभी 288 विधानसभा सीटों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी. राज्य में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले महाराष्ट्र में कुल 9,78,54,049 वोटर्स थे. लेकिन संशोधित लिस्ट में 2 करोड़ से अधिक नाम काट दिए गए. अब इनमें से 7,71,65,562 (78.86%) वोटर्स को शामिल किया गया है.
नासिक-मुंबई में पुरुष-महिला वोटर्स में अंतर
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए गए लोगों में पुरुष वोटर्स की संख्या 3,95,89,905 रही, जबकि महिला वोटर्स की संख्या 3,75,72,570 हो गई. पूरे राज्य में पुरुषों की संख्या महिलाओं से 20.17 लाख से अधिक है. इसी तरह थर्ड जेंडर वोटर्स की संख्या 3,087 थी. कुल 2,06,88,487 (21.14%) वोटर्स को ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किया गया.
ड्राफ्ट लिस्ट में नासिक और मुंबई उपनगर जिलों में पुरुष और महिला वोटर्स के बीच सबसे अधिक अंतर दर्ज किया गया है, जबकि रत्नागिरी अकेला ऐसा जिला बनकर उभरा जहां महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है. नासिक में 19.6 लाख महिला वोटर्स के मुकाबले 21.09 लाख पुरुष वोटर्स हैं, इस तरह से दोनों में 1.41 लाख का अंतर है. जबकि मुंबई उपनगर में 26.51 लाख पुरुष और 25.2 लाख महिला वोटर्स हैं.
इसी तरह नागपुर में 15.99 लाख पुरुष वोटर्स हैं जबकि महिला वोटर्स की संख्या 15.95 लाख हैं. दोनों में महज 4,321 का ही मामूली अंतर है. जबकि सिंधुदुर्ग में 3.05 लाख पुरुष और 2.9 लाख महिला वोटर्स हैं, यहां पर दोनों के बीच 6,015 वोटर्स का अंतर है. राज्य में रत्नागिरी अकेला ऐसा जिला है जहां महिलाओं (6.09 लाख) की संख्या पुरुषों (5.87 लाख) वोटर्स से 22,188 के बड़े अंतर से अधिक है.
कब तक दावे, आपत्ति दर्ज करने का समय
जिन वोटर्स के नाम डाफ्ट में शामिल नहीं किए गए हैं, उसके पीछे कई अहम वजहें बताई गई हैं. पहला, बड़ी संख्या में वोटर्स अपने दर्ज पते पर नहीं मिले या अनुपस्थित पाए गए. दूसरा, वे अपने रजिस्टर्ड पते से किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके थे. तीसरा, काफी वोटर्स की मृत्यु हो चुकी थी. चौथा, नाम किसी अन्य जगह दर्ज था या डुप्लीकेट एंट्री की गई थी. पांचवां, कई वोटर्स ने एन्यूमरेशन फॉर्म भरने या जमा करने से इनकार किया या अन्य कारणों से फॉर्म जमा नहीं हो सका.
ऐसे वोटर्स की जिला-वार सूची और नाम शामिल नहीं होने की वजहों को संबंधित वेबसाइटों पर उपलब्ध करा दिया गया है. चुनाव आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक महीने (31 अगस्त से 30 सितंबर 2026) तक का वक्त दिया है.
फाइनल वोटर लिस्ट कब जारी होगी?
राज्य के 36 जिलों के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 288 EROs और 7 हजार से अधिक असिस्टेंट इलेक्टोरेल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (Assistant Electoral Registration Officers, AEROs) नियुक्त किए गए हैं.
महाराष्ट्र में दावे, आपत्तियों और नोटिस से जुड़ी प्रक्रिया 31 अगस्त से 29 अक्टूबर 2026 के बीच पूरी की जाएगी. आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, राज्य की फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है.

विनोद जगदाले
विनोद जगदाले को 22 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है. वो मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति की गहरी समझ रखते हैं. ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ 24 में पॉलिटिकल रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई बड़े खुलासे किए और एक्सक्लूसिव खबरें भी सामने लेकर आए. उनकी पहचान निष्पक्ष, बेबाक और जमीनी पत्रकार के तौर पर की जाती है. विनोद जगदाले 10 से ज्यादा सम्मान से सम्मानित और जनहित की आवाज को मजबूती से उठाने वाले वरिष्ठ पत्रकार हैं.
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