MBBS में एडमिशन के लिए स्टेट कोटा से कैसे करें आवेदन? जानें कौन से दस्तावेज की होती है जरूरत

Published on 28 जुल॰ 2026

MBBS Admission State Quota: नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) यूजी 2026 का रिजल्ट बीते सप्ताह जारी हो गया है. अब कैंडिडेट्स को MBBS में एडमिशन के लिए काउंसलिंग शुरू होने की उम्मीद है. इससे पूर्व ही नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) MBBS सीट मैट्रिक्स 2026 जारी कर चुका है. माना जा रहा है कि अगस्त पहले सप्ताह तक MBBS सीटों में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग शुरू हो जाएगी. इसके बाद स्टेट कोटा काउंसलिंग भी शामिल हो जाएगी. ऐसे में कई कैंडिडेट्स जानना चाहते हैं कि वह MBBS एडमिशन के लिए स्टेट कोटा काउंसलिंग में कैसे शामिल हो सकते हैं और इसके लिए कौन से दस्तावेजों की जरूरत होती है.

आइए, इसी कड़ी में विस्तार से जानते हैं कि MBBS में एडमिशन के लिए स्टेट कोटा काउंसलिंग में कैसे शाामिल हो सकते हैं. जानते हैं कि इसके लिए कौन से दस्तावेजों की जरूरत होती है.

पहले समझें MBBS में एडमिशन का कोटा

देश में MBBS की सीटों में एडमिशन के लिए मुख्य तौर पर तीन तरह के कोटा लागू होते हैं. इन कोटो के आधार पर एडमिशन के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाती है. कुल 4 राउंड काउंसलिंग आयोजित की जाती है. आइए, MBBS में एडमिशन के लिए निर्धारित कोटे के बारे में जानते हैं.

ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग: MBBS की सीटों में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग का आयोजन केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की तरफ से किया जाता है. इस काउंसलिंग के आधार पर AIIMS, JIPMER जैसे केंद्रीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटों का आंवटन किया जाता है. तो वहीं राज्यों के मेडिकल कॉलेजों की 15 फीसदी MBBS सीटें भी ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग के माध्यम से आवंटित की जाती हैं.

स्टेट कोटा काउंसलिंग: MBBS की सीटों में एडमिशन के लिए दूसरे काउंसलिंग को स्टेट कोटा काउंसलिंग के नाम से जाना जाता है. इसका आयोजन राज्य के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय या उससे संबंधित एजेंसी की तरफ से किया जाता है. प्रत्येक राज्य सरकार अलग-अलग काउंसलिंग आयोजित करती है.इस काउंसलिंग के माध्यम से राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेजों की 85 फीसदी MBBS सीटों में एडमिशन दिया जाता है.

NRI कोटा: MBBS की सीटों में एडमिशन के लिए तीसरा प्रमुख कोटा NRI कोटा है. ये कोटा प्राइवेट मेडिकल काॅलेजों में लागू होता है. इस कोटे के तहत 15 फीसदी सीटें आरक्षित होती हैं.

स्टेट कोटा के मायने क्या हैं?

MBBS में एडमिशन के लिए स्टेट कोटा से आवेदन के लिए निर्धारित शर्तों के बारे में जानने से पहले ये जानते हैं कि स्टेट कोटा है क्या और उसके मायने क्या हैं? असल में स्टेट कोटा से राज्यों में स्थित मेडिकल कॉलेजों की 85% MBBS सीटें भरी जाती हैं. ये सीटें संबंधित राज्य के कैंडिडेट्स के लिए आरक्षित होती हैं. राज्य से संबंध स्थापित करने के लिए कैंडिडेट्स काेडोमिसाइल या रेजिडेंसी शर्तों को पूरा करना होता है.

ये दस्तावेज चाहिए हाेते हैं जरूरी

  • डोमिसाइल (मूल निवास),
  • नेटिविटी (जन्म स्थान)
  • रेजिडेंस सर्टिफिकेट (निवास प्रमाण पत्र)

स्टेट कोटा से एडमिशन के लिए कैसे करें आवेदन

MBBS की अधिक सीटें स्टेट कोटा के आधार पर ही आवंटित होती हैं, लेकिन राज्यवार अलग-अलग होती हैं. राज्यों की तरफ से स्टेट कोटा काउंसलिंग शुरू किए जाने पर नीट स्कोर के आधार पर कैंडिडेट्स उसमें आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए संबंधित राज्य से जुड़े डोमिसाइल और रेजिडेंसी (निवास) दस्तावेजों की जरूरत होती है. अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग डोमिसाइल और रेजिडेंसी (निवास) दस्तावेज निर्धारित हैं. आइए, प्रमुख राज्यों में स्टेट कोटा के लिए आवश्यक डोमिसाइल और रेजिडेंसी दस्तावेज प्राप्त करने की शर्तों के बारे में जानते हैं.

इन राज्यों में स्थाई निवास से डोमिसाइल सर्टिफिकेट

कई राज्य डोमिसाइल सर्टिफिकेट होने पर स्टेट कोटा से आवेदन करने की मंजूरी देते हैं. डोमिसाइल सर्टिफिकेट वे ही कैंडिडेट्स बनवा सकते हैं, जो एक निर्धारित समय से उस राज्य में स्थाई निवास कर रहे होते हैं. डोमिसाइल सर्टिफिकेट के आधार पर हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और सिक्किम जैसे राज्य स्टेट कोटा से आवेदन की मंजूरी देते हैं.

पढ़ाई पूरी की है तो स्टेट कोटा से आवेदन: दिल्ली, गोवा असम समेत कई राज्य स्टेट कोटा के तहत उन कैंडिडेट्स को पात्र मानते हैं, जिन्होंने राज्य के स्कूलों में पढ़ाई की है. मसलन, 7वीं से 12वीं और 10वीं और 12वीं पूरी करने वाले कैंडिडेट्स को स्टेट कोटा से आवेदन करने की मंजूरी दी जाती है.

निवास प्रमाण पत्र से करें आवेदन: महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल, राजस्थान, पंजाब समेत कई राज्य निवास प्रमाण पत्र के आधार पर स्टेट कोटा से आवेदन करने की मंजूरी देते हैं.

मनोज भट्ट

मनोज भट्ट

पत्रकारिता में एक दशक से अध‍िक समय से सक्रिय. नवोदय टाइम्स, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान में लंबे समय तक फील्ड रिपोर्टिंग. कई मुद्दों व खबरों को लीड किया, जो चर्चा में रही. अभी तक पंचायत, कृषि, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा, राजनीति, पर्यावरण, स्वास्थ्य, चुनाव, बिजनेस से जुड़े विषयों पर काम किया है और इनमें लेखन की दिलचस्पी है.

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