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विपिन सिंह यादव | गाजीपुर4 घंटे पहले
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गाजीपुर के कंपोजिट विद्यालय सुभाष नगर महाजन टोली में मिड-डे मील (एमडीएम) मद की धनराशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय के एमडीएम खाते से प्रधानाचार्य मनोज कुमार सिंह की पत्नी रेनू सिंह के एसबीआई खाते में नेफ्ट (NEFT) के जरिए 98,286 रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा वर्ष 2023 से 2026 के बीच खाते से करीब 6.97 लाख रुपये की नकद निकासी का मामला भी जांच के दायरे में आ गया है।
उपलब्ध लेनदेन विवरण के अनुसार, 24 अगस्त 2022 को 49,370 रुपये और 19 मई 2023 को 48,916 रुपये विद्यालय के मिड-डे मील खाते से प्रधानाचार्य की पत्नी रेनू सिंह के खाते में नेफ्ट के माध्यम से भेजे गए। दोनों लेनदेन की कुल राशि 98,286 रुपये है।

करीब 6.97 लाख की नकद निकासी पर भी उठे सवाल
लेनदेन के रिकॉर्ड में वर्ष 2023 से 2026 के बीच कई बार नकद निकासी का विवरण सामने आया है। उपलब्ध सूची के अनुसार 10 अगस्त 2023 को 45 हजार रुपये, 19 अक्टूबर 2023 को 9 हजार रुपये सहित कुल करीब 6.97 लाख रुपये निकाले गए। वार्ड-5 के सभासद शनि चौरसिया का दावा है कि बाद की अधिकांश निकासी उनके कथित हस्ताक्षर और मुहर के आधार पर हुई, जबकि उन्होंने इन हस्ताक्षरों और मुहर को अपना मानने से इनकार किया है।
सभासद बोले- हस्ताक्षर मेरे नहीं, चेक पर लगी दूसरे वार्ड की मुहर
मामले में चेक पर कथित रूप से अलग हस्ताक्षर और वार्ड-13 की मुहर लगने का आरोप भी सामने आया है। वार्ड-5 के सभासद शनि चौरसिया का कहना है कि उन्होंने चेक पर किए गए हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उनका दावा है कि चेक पर उनके वार्ड की बजाय दूसरे वार्ड की मुहर लगी थी, इसके बावजूद बैंक से भुगतान कर दिया गया।

प्रधानाचार्य बोले- मुहर और हस्ताक्षर की जानकारी नहीं थी
प्रधानाचार्य मनोज कुमार सिंह ने कहा कि जब चेक पर हस्ताक्षर कराने के लिए सभासद को दिया जाता था, तो वह उसे लेकर अंदर चले जाते थे। उनके अनुसार उन्हें यह जानकारी नहीं होती थी कि चेक पर किसकी मुहर लगाई जाती थी और हस्ताक्षर कौन करता था। उन्होंने बताया कि हस्ताक्षर होने के बाद वे चेक लेकर बैंक जाते थे और नकद राशि प्राप्त कर लेते थे। बैंक ने चेक पर भुगतान किस आधार पर किया, इसका जवाब बैंक ही दे सकता है।

138 छात्रों का नामांकन, एमडीएम खर्च का भी होगा मिलान
विद्यालय के रजिस्टर में वर्तमान में 138 छात्रों का नामांकन दर्ज है, जबकि प्रतिदिन करीब 100 बच्चों की उपस्थिति बताई गई है। एमडीएम की राशि से बच्चों के लिए भोजन, दूध, फल, गैस और अन्य सामग्री खरीदे जाने का दावा किया गया है। प्रधानाचार्य के अनुसार गैस एजेंसी से गैस सिलेंडर तथा स्थानीय दुकानदारों से सब्जियां और अन्य सामग्री खरीदी जाती है। जांच के दौरान इन खर्चों का भी मिलान किया जाएगा।

तीन स्कूलों के विलय से बना कंपोजिट विद्यालय
प्रधानाचार्य मनोज कुमार सिंह की नियुक्ति वर्ष 2015 में सहायक अध्यापक के रूप में हुई थी और 2017 में उन्हें प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया। वर्ष 2021 में कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुभाष नगर, प्राथमिक विद्यालय सुभाष नगर द्वितीय और प्राथमिक विद्यालय महाजन टोली का विलय कर कक्षा 1 से 8 तक का कंपोजिट विद्यालय बनाया गया। प्रधानाचार्य के अनुसार एमडीएम खाते और विद्यालय प्रबंध समिति के खाते अलग-अलग संचालित होते हैं। एमडीएम खाते का संचालन प्रधानाध्यापक और संबंधित सभासद की भूमिका में होता है, जबकि विद्यालय प्रबंध समिति का खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में संचालित है।

बीएसए ने गठित की जांच समिति
शिकायत मिलने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी सैदपुर और बाराचवर को नामित किया है। नगर खंड शिक्षा अधिकारी मेहनाज आलम को जांच में सहयोग के निर्देश दिए गए हैं। समिति को सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। फिलहाल मामला आरोपों और विभागीय जांच के स्तर पर है। दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और भुगतान प्रक्रिया के मिलान के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वित्तीय अनियमितता हुई है या भुगतान की प्रक्रिया में कोई अन्य कारण रहा।
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