PM मोदी का वीडियो हटाने का मामला : Meta CEO और अधिकारियों ने मांगी माफी, अब आगे क्या होगा?

Published on 6 अग॰ 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक से वीडियो हटाने वाले मामले के बाद सरकार ने मेटा को दो बार नोटिस भेजा. अब सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई मीटिंग में कंपनी ने न सिर्फ इस घटना पर खेद जताया बल्कि कुछ मामलों में माफी मांगी है. साथ मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग ने अपनी माफी भेजी है. 

मार्क जुकरबर्ग ने CSAM (बाल यौन शोषण से संबंधइत कंटेंट), डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म के ऑपरेशन में हुई कमियों के चलते माफी मांगी है. साथ ही अधिकारियों ने साफ किया है कि मेटा को इंटरमीडियरी की परिभाषा के तहत संरक्षण नहीं मिल सकता है 

MeitY अधिकारियों के अनुसार, मार्क जुकरबर्ग ने CSAM कंटेंट, डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म संचालन में हुई गलतियों के लिए माफी मांगी. 

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मेटा ने कुछ खामियां स्वीकार कीं

मेटा ने स्वीकार किया है कि कुछ खास तरह के कंटेंट को प्रमोट करने के लिए बड़ी रकम ली गई थी. कंपनी ने ये भी स्वीकार किया है कि काफी ज्यादा अवैध कंटेंट को बढ़ावा दिया गया और विशेष ऑडियंस तक पहुंचाने के लिए पेड प्रमोशन किया गया.  अधिकारियों के मुताबिक, Meta के अधिकारियों को दोबारा बुलाया जा सकता है. 

PM मोदी का वीडियो हटाने से लेकर मेटा की माफी मांगने तक की टाइम लाइन
दिन  घटनाक्रम
28 जुलाई PM मोदी का Facebook वीडियो/पोस्ट गलती से हटा.
28 जुलाई Meta ने Error बताते हुए पोस्ट बहाल कर दिया.
जुलाई का अंत भारत सरकार ने Meta से जवाब मांगा.
5 अगस्त Joel Kaplan ने अश्विनी वैष्णव से मिलकर औपचारिक माफी मांगी
5 अगस्त  मेटा ने Deepfake , CSAM और प्लेटफॉर्म ऑपरेशन की कमियों पर खेद जताया.

Meta के बड़े अधिकारी ने मांगी माफी

अमेरिका से भारत आए Meta के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कैपलन ने लिखित बयान में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट पर लगी पाबंदी की गलती के लिए मंत्री से Meta की ओर से माफी मांगी. इस मामले में माफी Meta के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की तरफ से दी गई है. 

आज होगी एक और मीटिंग 

Meta के ग्लोबल ऑफिसर को गुरुवार को होने वाली एक और होने वाली पूछताछ के लिए रुकने के लिए कहा गया है. इस बैठक में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव एक बार फिर Meta के वैश्विक अधिकारियों और कंपनी की तकनीकी टीम से मुलाकात करेंगे. 

23 जुलाई की प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाया था

जोएल कैपलन को भारत सरकार ने 23 जुलाई की प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाने के मामले में सफाई देने के लिए बुलाया था. उस वीडियो पोस्ट में प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था. 

सरकार ने पूछा- क्या पैसे लेकर बढ़ावा देता है Meta?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक में अश्विनी वैष्णव ने Meta से सीधे पूछा कि क्या कंपनी पैसे लेकर ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देती है. 

साथ ही सरकार ने इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 79 को भी मेंशन किया और कि यदि कोई प्लेटफॉर्म मध्यस्थ के रूप में अपनी कानूनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं करता है तो उसे मिलने वाली सेफ हार्बर यानी कानूनी सुरक्षा समाप्त हो सकती है. 

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