झारखंड विधानसभा में बीजेपी MLA के नोट लहराने पर घमासान, सोरेन के मंत्री इरफान अंसारी बोले- कराएंगे जांच और देंगे सजा

Published on 11 अग॰ 2026

झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच, मंगलवार को विधानसभा में विपक्षी दल BJP के विधायकों ने भारी हंगामा किया. इस दौरान, एक BJP विधायक ने सदन में नोट लहराए, जिससे माहौल गरमा गया. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर के चंदे से चुराया गया पैसा झारखंड पहुंचा है और BJP विधायकों ने नोट लहराकर इसका खुलासा किया है.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सदन में नोट लहराना जांच का विषय है और ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने नोटों के स्रोत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वे नकली थे, तो यह पूछा जाना चाहिए कि वे विधानसभा में कैसे पहुंचे और सुझाव दिया कि यह पैसा मंदिर के चंदे की चोरी, नकली मुद्रा या बांग्लादेशी नोट भी हो सकते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह जांच का मामला है और इसमें तस्करी और घुसपैठ जैसे मुद्दे शामिल हैं. उन्होंने आगे कहा कि अगर इन घुसपैठियों के पीछे कोई सरगना है, तो वह BJP है.

10 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे और विधानसभा जाने से रोके गए BJP विधायकों और नेताओं को हिरासत में लिए जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास पर हमला करने की कोशिश की थी. BJP विधायकों ने विरोध प्रदर्शन के बहाने एक आदिवासी मुख्यमंत्री के आवास पर हमला करने की कोशिश में सदन छोड़ दिया था. मुख्यमंत्री का आवास मुख्य सड़क पर है और वे वहां अपने पूरे परिवार के साथ रहते हैं. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया था. हम कार्रवाई करेंगे. हम किसी को नहीं बख्शेंगे.

छात्र आंदोलन में हिंसा भड़काना चाहती थी BJP

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि विधायकों के आवास विधानसभा परिसर के पास ही हैं. जहां कल छात्रों का विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से जायज था, वहीं BJP ने उस प्रदर्शन के दौरान गुंडों को पनाह दी और आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों को अपने क्वार्टर में रहने दिया. ये क्वार्टर विधायकों के लिए हैं, न कि बदमाशों को रखने के लिए. BJP ने ऐसे तत्वों के जरिए छात्र आंदोलन में हिंसा भड़काने की कोशिश की.

दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी जांच करूंगा और अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी. अंसारी ने कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से रात में अस्पताल जाकर उन छात्रों का हाल जाना जो भूख हड़ताल पर थे.मैं छात्रों के माता-पिता से अपील करता हूं कि वे अपने बच्चों को समझाएं, बातचीत से ही समाधान निकलते हैं.

युवाओं का कोई नुकसान नहीं होंगे देंगे

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि हम राहुल गांधी के सिपाही हैं, उनका निर्देश है कि किसी भी युवा को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. हम युवाओं की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं और अपने बच्चों को कोई नुकसान नहीं होने देंगे. अगर कल के विरोध प्रदर्शन के दौरान झारखंड में BJP की सरकार होती, तो शायद हम युवाओं की लाशें गिन रहे होते. विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने चोटें सहीं और संयम बरता.

उन्होंने युवाओं का साथ दिया, जबकि BJP चाहती थी कि आंदोलन के दौरान कोई बड़ी हिंसक घटना हो. हमने BJP के नापाक मंसूबों को सफल नहीं होने दिया.

BJP पर लगाए गंभीर आरोप

झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के शुरू होने के एक दिन बाद ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित किए जाने के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राज्य की प्रगति और विकास में बाधा है. केवल ये लोग ही विधानसभा में हंगामा कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ने युवा आंदोलन को विफल करने के लिए चंदे के पैसे का इस्तेमाल किया. बीजेपी ने ये फंड अपने युवा मोर्चा और अपने संगठित कार्यकर्ताओं तक पहुंचाए.

मुख्यमंत्री से की जांच की मांग

उन्होंने कहा कि हमने मांग की है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस बात की जांच का आदेश दें कि झारखंड में कितना गलत तरीके से लिया गया चंदे का पैसा पहुंचा है. विधायक को ये फंड कैसे मिले और चंपत राय इसमें कैसे शामिल हुए, इसकी जांच की जाएगी. इस बीच, छात्रों से जुड़े मुद्दे पर बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है.

राहुल गांधी को बताया दूरदर्शी नेता

झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आगे कहा, राहुल गांधी देश के नेता हैं. आम लोगों, हर युवा, छात्रों और हम सभी के नेता हैं. वे दूरदर्शी नेता हैं, उनकी बातें लोगों को प्रभावित करती हैं और उनके दिलों को छू जाती हैं. अगर झारखंड में लाठीचार्ज हुआ होता, तो क्या युवा विधानसभा का घेराव करने के लिए वहां पहुंच पाते?

अशोक कुमार

अशोक कुमार

अशोक कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 वर्षों से अधिक का अनुभव है. राजनीति, क्राइम और ऑफबीट खबरों में दिलचस्पी रखने के कारण इन क्षेत्रों की खबरों पर बेहतरीन पकड़ है. नई जगहों को एक्सप्लोर करने के साथ पढ़ने-लिखने का शौक रखते हैं. झारखंड की स्थानीय न्यूज़ चैनल में विभिन्न पदों पर काम करने के साथ-साथ, इन्होंने एपीएन न्यूज़ में बतौर ब्यूरो चीफ के रूप में भी काम किया है. अशोक कुमार ने झारखंड में पिछले 7 वर्षों के दौरान हुई छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचलों को रिपोर्ट किया है. वर्तमान में वो टीवी9 डिजिटल से जुड़े हैं.

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