जालंधर के मिट्ठापुर में स्टेडियम का उद्धाटन करतीं आप हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा।
जालंधर कैंट में साढ़े 6 करोड़ रुपए की ग्रांट से बने हॉकी स्टेडिमय का उद्गाटन पॉलिटिकल कंट्रोवर्सी में घिर गया है। कांग्रेस का दावा है कि ये स्टेडियम कैंट MLA परगट सिंह की ग्रांट से बना है। इंडियन हॉकी टीम के प्लेयर मंदीप सिंह के पिता ने कहा कि उद्घाट
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ओलिंपियन मनदीप सिंह के पिता और क्लब सदस्य रविंद्र सिंह।
स्टेडिमय को लेकर क्रेडिट वार छिड़ी विवाद सिर्फ आम आदमी पार्टी बनाम जनता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके पीछे पूर्व और वर्तमान सरकार के बीच श्रेय लेने की होड़ भी साफ नजर आई। ओलिंपियन मनदीप सिंह के पिता और क्लब सदस्य रविंद्र सिंह ने खुलकर आरोप लगाया कि इस स्टेडियम के लिए 6.5 करोड़ से अधिक की ग्रांट पूर्व खेल मंत्री और कैंट से मौजूद कांग्रेस विधायक परगट सिंह के कार्यकाल में पास हुई थी, लेकिन उद्घाटन वाले पत्थर पर उनका नाम तक नहीं लिखा गया। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि स्टेडियम का करीब 25 प्रतिशत काम अभी भी अधूरा है और क्लब ने अपनी जेब से पैसे लगाकर पानी की टंकी व टॉयलेट चालू करवाए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता के पैसों से बने प्रोजेक्ट का श्रेय लेने की जल्दबाजी में अधूरे काम के बावजूद उद्घाटन कर दिया गया।

सीनियर डिप्टी मेयर मलकीत सिंह भी नजरअंदाज इस पूरे घटनाक्रम आप के सीनियर डिप्टी मेयर मलकीत सिंह मौजूद तो थे, लेकिन वे मुख्य समारोह से अलग-थलग खड़े दिखाई दिए। मलकीत सिंह के समर्थकों का कहना है कि उन्हें प्रोटोकॉल के तहत मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के बजाय नजरअंदाज किया गया। चर्चा है कि हलका इंचार्ज ने मुख्य गेट की बजाय पीछे के रास्ते से आकर अचानक उद्घाटन कर दिया, जिससे डिप्टी मेयर समर्थक साइडलाइन हो गए। हालांकि, स्थिति को संभालते हुए मलकीत सिंह ने सिर्फ इतना कहा कि वे पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं।

कैंट हलका हलका इंचार्ज राजविंदर कौर।
थियाड़ा बोलीं-विकास कार्यों के उद्घाटन का पूरा हक उधर, विवाद बढ़ता देख हलका इंचार्ज राजविंदर कौर ने सफाई पेश करते हुए सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी हाईकमान ने हल्का इंचार्ज नियुक्त किया है, इसलिए उन्हें क्षेत्र के विकास कार्यों के उद्घाटन का पूरा हक है। उन्होंने दावा किया कि मेयर विनीत धीर को किसी जरूरी काम से अचानक चंडीगढ़ जाना पड़ा, जिसके चलते उन्होंने यह जिम्मेदारी निभाई। डिप्टी मेयर को नजरअंदाज करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें बाकायदा बुलावा भेजा गया था, लेकिन वे खुद ही फोटो खिंचवाने नहीं आए।