MP में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग, ABVP प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री से की मुलाकात

Published on 15 सित॰ 2026

MP में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग, ABVP प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री से की मुलाकात

मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू कराने की मांग तेज होती जा रही है। इसी सिलसिले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर मंत्री के सामने अपनी बात रखी। इस दौरान छात्र राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

अभाविप का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। चुनाव के जरिए विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं उठाने और उनका प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है। संगठन लंबे समय से प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू कराने की मांग करता रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि सरकार इस दिशा में जल्द निर्णय लेकर चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करे।

छात्रसंघ चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश में लंबे समय से बहस चलती रही है। कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्र संगठनों का मानना है कि चुने हुए छात्र प्रतिनिधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याएं प्रशासन तक प्रभावी तरीके से पहुंचाई जा सकती हैं। इनमें कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं, परीक्षा व्यवस्था, छात्रवृत्ति, फीस, पुस्तकालय, हॉस्टल और अन्य शैक्षणिक मुद्दे शामिल हैं।

अभाविप प्रतिनिधिमंडल की मंत्री के साथ हुई मुलाकात को इसी मांग को लेकर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संगठन की ओर से सरकार से छात्रहित में सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल राजनीतिक गतिविधि का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास भी होता है।

मुलाकात के दौरान उच्च शिक्षा से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है। हालांकि छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग बैठक का प्रमुख मुद्दा रही। अब छात्र संगठनों की नजर सरकार के अगले कदम पर है।

गौरतलब है कि छात्रसंघ चुनाव लंबे समय से नहीं होने के कारण प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं। समय-समय पर विभिन्न छात्र संगठन चुनाव बहाल करने की मांग उठाते रहे हैं। ऐसे में अभाविप के प्रतिनिधिमंडल की उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात के बाद इस मुद्दे पर सरकार के रुख को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अब देखना होगा कि सरकार छात्रसंघ चुनाव को लेकर क्या फैसला लेती है और यदि चुनाव बहाल करने पर सहमति बनती है तो इसके लिए किस तरह की प्रक्रिया और समयसीमा तय की जाती है। फिलहाल अभाविप ने अपनी मांग सरकार के सामने रख दी है और छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

Share this story