MP Panchayat Election 2027: मध्य प्रदेश में चुनावी इतिहास की नई शुरुआत, बैलेट पेपर खत्म, EVM से होंगे पंच-सरपंच के चुनाव - Haribhoomi

Published on 7 अग॰ 2026

अगले साल जून-जुलाई में प्रस्तावित पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, 23 हजार ग्राम पंचायतों और 443 निकायों में वेबकास्टिंग के साथ होगी वोटिंग

MP Panchayat Election

अब बैलेट पेपर नहीं, EVM से चुन सकेंगे सरपंच और पंच

  • Published: 07 Aug 2026, 10:09 AM IST
  • Last Updated: 07 Aug 2026, 10:13 AM IST

मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग अगले साल जून-जुलाई में प्रस्तावित पंचायत चुनाव आधुनिक तकनीक के साथ कराने की तैयारी कर रहा है। इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह हो सकता है कि पंचायत चुनावों में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल किया जाए।

यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो अब तक बैलेट पेपर से होने वाले सरपंच और पंच के चुनाव भी EVM के जरिए कराए जाएंगे। इससे मतदान प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और विवादों से मुक्त होने की उम्मीद है।

23 हजार पंचायतों और 443 नगरीय निकायों में होंगे चुनाव
राज्य में अगले वर्ष 443 नगरीय निकायों और लगभग 23 हजार ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव प्रस्तावित हैं। इन चुनावों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

94 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाने की तैयारी
चुनाव के लिए प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 72 हजार मतदान केंद्र और नगरीय क्षेत्रों में करीब 22 हजार मतदान केंद्र यानी पूरे प्रदेश में लगभग 94 हजार पोलिंग बूथ बनाए जाने की तैयारी है।

वेबकास्टिंग से होगी निगरानी
निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर लाइव मॉनिटरिंग के जरिए मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।

बैलेट पेपर की जगह EVM से मतदान
अब तक मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाते रहे हैं। लेकिन इस बार निर्वाचन आयोग EVM के इस्तेमाल पर गंभीरता से काम कर रहा है। इससे मतगणना में लगने वाला समय कम होगा और परिणाम भी अपेक्षाकृत जल्दी घोषित किए जा सकेंगे।

क्या होगा फायदा?

  • मतदान प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी।
  • मतगणना होगी तेज और आसान।
  • मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी।
  • वेबकास्टिंग से चुनाव की निगरानी और मजबूत होगी।
  • चुनाव परिणाम कम समय में घोषित किए जा सकेंगे।