MP Khandwa Patwari Patta Scam: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh News) में 'स्वामित्व भू-अधिकार निष्पादन को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां खंडवा (Khandwa News) के पटवारी ने सरकारी जमीन और किसानों के 51 पट्टे अपने नाम कर लिए हैं। इसकी शिकायत ग्रामीण और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कलेक्टर से की। जिसके बाद पटवारी राजेश मंडलोई को कलेक्टर द्वारा सस्पेंड (suspend) कर दिया गया।
खंडवा में 51 पट्टों का मामला सामने आया
खंडवा के कोलगांव से जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। तत्कालीन पटवारीराजेश मंडलोई और उनकी पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम कुल 51 पट्टे दर्ज पाए गए। इनमें 48 पट्टे राजेश मंडलोई और 3 पट्टे उनकी पत्नी के नाम बताए गए हैं। पूरा मामला प्रदेश में लागू स्वामित्व भू-अधिकार निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के तहत तैयार रिकॉर्ड की जांच के दौरान सामने आया। कोलगांव में योजना के तहत कुल 935 पट्टों की सूची तैयार की गई थी। सूची सामने आने के बाद ग्रामीणों ने रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की, जिसके बाद पटवारी परिवार के नाम इतनी बड़ी संख्या में पट्टे दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
ग्रामीणों की शिकायत से खुला मामला
पूरे मामले की शिकायत ग्रामीण शुभम तोमर ने शिकायत की। इसके अलावा कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने भी दस्तावेजों के आधार पर मामले को प्रशासन के सामने उठाया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रिकॉर्ड में ग्रामीणों के इस्तेमाल वाली जमीनों के साथ सार्वजनिक उपयोग की कुछ जमीनें भी पटवारी और उनकी पत्नी के नाम दर्ज हो गईं।
अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक इनमें रास्ते, साझा आंगन, खुली जमीन और सार्वजनिक उपयोग वाली जगहों का भी उल्लेख है। हालांकि इन जमीनों के अंतिम स्वामित्व को लेकर प्रशासनिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच अभी जरूरी है। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रिकॉर्ड का मिलान और मौके की जांच शुरू कराई।
मौके पर जांच में रिकॉर्ड का मिलान
मामला सामने आने के बाद वर्तमान पटवारी राकेश पटेल को मौके पर भेजकर स्थलीय जांच कराई गई। ग्रामीणों की मौजूदगी में संबंधित खसरों और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच में शिकायत में बताई गई गड़बड़ी सही पाए जाने की बात प्रशासन की ओर से सामने आई है।
स्वामित्व योजना (Swamitva Yojana) के तहत तैयार रिकॉर्ड में तत्कालीन पटवारी ने कुछ प्लॉट अपने और परिवार के नाम दर्ज कराए थे। जांच के बाद शिकायत सही पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन ने यह भी तय किया है कि कोलगांव के रिकॉर्ड की व्यापक स्तर पर दोबारा जांच की जाएगी, ताकि किसी पात्र ग्रामीण का अधिकार प्रभावित न हो।
935 पट्टों की दोबारा जांच के आदेश
कोलगांव में कुल 935 पट्टों का रिकॉर्ड तैयार किया गया था। अब प्रशासन ने इन सभी रिकॉर्ड और खसरों की दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं अन्य जमीनों के रिकॉर्ड में भी इसी तरह की कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई।
रिपोर्टों के अनुसार, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ ऐसी जमीनें भी पटवारी के नाम दर्ज मिलीं, जिनका इस्तेमाल लंबे समय से ग्रामीण या सार्वजनिक संस्थाएं करती आ रही थीं। प्रशासन की दोबारा जांच में यह स्पष्ट होगा कि किन जमीनों के रिकॉर्ड में सुधार की जरूरत है। साथ ही पात्र लोगों के नाम सही रिकॉर्ड में दर्ज करने और विवादित प्रविष्टियों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
पटवारी राजेश मंडलोई निलंबित
जांच रिपोर्ट के बाद तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई के खिलाफ कार्रवाई की गई। खंडवा एसडीओ के स्तर से जारी कार्रवाई में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, नायब तहसीलदार की जांच के आधार पर यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत की गई। प्रशासन ने मामले में विभागीय जांच भी शुरू की है।
यानी अभी पूरे मामले में आगे की जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल जारी रहेगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 935 पट्टों की सूची में 51 पट्टे पटवारी और उनकी पत्नी के नाम कैसे दर्ज हुए। प्रशासन की विस्तृत जांच से इस मामले में जिम्मेदारी और रिकॉर्ड में सुधार की स्थिति स्पष्ट होगी
यह भी पढ़ें: CG Police Transfer: छत्तीसगढ़ में 22 पुलिसकर्मियों के तबादला, एसएसपी ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट