मध्य प्रदेश में पटवारियों ने 5 सूत्रीय मांगों को लेकर बस्ताबंद हड़ताल शुरू कर दी है। संघ की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू, समयमान वेतनमान की विसंगतियां दूर करना और पदोन्नति व्यवस्था लागू करना शामिल है। सरकार ने कुछ मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है, लेकिन संघ का कहना है कि ठोस निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
5 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों की बस्ताबंद हड़ताल शुरू
- Published: 05 Aug 2026, 10:34 AM IST
- Last Updated: 05 Aug 2026, 10:34 AM IST
मध्य प्रदेश: वर्षों से लंबित मांगों को लेकर पटवारियों ने प्रदेशव्यापी बस्ताबंद हड़ताल शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर 3 अगस्त से शुरू हुई इस हड़ताल में प्रदेशभर के हजारों पटवारी शामिल हैं। संघ का कहना है कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा से मुलाकात
हड़ताल शुरू होने के पहले दिन पटवारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा से मुलाकात की। बैठक में मंत्री ने मांगों को गंभीरता से मुख्यमंत्री के समक्ष रखने और समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि लंबित मुद्दों पर जल्द निर्णय होना चाहिए।
बड़ी मांग कैडर रिव्यू लागू करने की
पटवारी संघ की सबसे बड़ी मांग कैडर रिव्यू लागू करने की है। इसके साथ ही समयमान वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने और नियमित पदोन्नति व्यवस्था शुरू करने की मांग भी प्रमुख है। संघ का दावा है कि ये मांगें पिछले करीब 25 वर्षों से लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों का करियर प्रभावित हो रहा है।
इसके अलावा संघ ने जजेस प्रोटेक्शन एक्ट के तहत संरक्षण देने, संघ पदाधिकारियों के स्थानांतरण निरस्त करने, विभिन्न सरकारी योजनाओं में किए गए कार्य का लंबित मानदेय जारी करने और नायब तहसीलदार भर्ती के लिए विभागीय परीक्षा जल्द आयोजित करने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।
कुछ मांगों पर सकारात्मक संकेत
सरकार की ओर से कुछ मांगों पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी पटवारी के खिलाफ बिना प्रारंभिक जांच के एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं में कार्यरत पटवारियों का लंबित मानदेय जल्द जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल का कहना है कि सरकार का रवैया सकारात्मक जरूर है, लेकिन सबसे अहम मुद्दे कैडर रिव्यू, समयमान वेतनमान और पदोन्नति अब भी अधूरे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में राजस्व निरीक्षक (आरआई) के 1100 से अधिक पद खाली हैं, फिर भी वर्षों से किसी पटवारी को सीधे प्रमोशन नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पद खाली हैं तो पदोन्नति क्यों नहीं दी जा रही।
पटवारी संघ का कहना है कि यदि सरकार जल्द समाधान नहीं करती है तो राजस्व से जुड़े कई कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर किसानों और आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर भी पड़ सकता है। संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर हड़ताल समाप्त कराने की दिशा में कदम उठाएगी।