प्रदेश में अब तक सिर्फ 16.3 इंच बारिश दर्ज, भोपाल-इंदौर-जबलपुर समेत कई जिले औसत से पीछे; नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस बढ़ाएगा बारिश की रफ्तार
MP Weather Alert
- Published: 06 Aug 2026, 09:02 AM IST
- Last Updated: 06 Aug 2026, 09:03 AM IST
मध्य प्रदेश में मानसून इस सीजन अब तक उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पाया है। प्रदेश में अब तक केवल 16.3 इंच (413.3 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक करीब 20 इंच (507.2 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी राज्य में औसतन करीब 18 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
बारिश की कमी का असर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में साफ दिखाई दे रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन समेत 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। केवल 6 जिले ऐसे हैं जहां बारिश का आंकड़ा सामान्य या उससे अधिक रहा है।
इन संभागों में सबसे ज्यादा असर
भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। वहीं इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
बड़े शहरों का हाल
प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी बारिश का संतुलन बिगड़ा हुआ है।
भोपाल में औसत से 7% कम बारिश
इंदौर में 2% कम
उज्जैन में 14% कम
जबलपुर में 29% कम
ग्वालियर में 7% अधिक बारिश दर्ज की गई
अगले 3 दिन भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। यदि मौसम प्रणाली मजबूत बनी रही तो बारिश के आंकड़ों में भी सुधार होने की संभावना है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, मंदसौर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर और निवाड़ी समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है।
नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस बना वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे लंबे समय से चली आ रही बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
बारिश का आंकड़ा अभी भी चिंता का विषय
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में इस समय तक जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उसका लक्ष्य अभी भी पूरा नहीं हो सका है। यदि अगस्त के दूसरे सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो कई इलाकों में खेती और जल संसाधनों पर असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जरूर बढ़ी है।