समय पर मिलेगा अटका हुआ पेमेंट, संसद से पास हुआ MSME बिल, मायने समझें

Published on 3 अग॰ 2026

MSME Bill: राज्यसभा में हाल ही में MSME के लिए एक बड़ा फैसला किया गया है. राज्यसभा ने इसके लिए संशोधन बिल पास कर दिया है. जिसके चलते अब ऑनलाइन पेमेंट्स में देरी नहीं होगी.

Written By : प्रतीक्षा राणावत |  Updated at : 03 Aug 2026 07:02 PM (IST)

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Rajya Sabha Passes MSME Development Bill for Delayed Payments on Shops and Small Businesses Know More MSME Bill: समय पर मिलेगा अटका हुआ पेमेंट, संसद से पास हुआ MSME बिल, मायने समझें

राज्यसभा में पास हुआ MSME बिल

Source : ABP Live

MSME Bill: छोटे और मध्यम कारोबारियों को कई बार समय पर अपनी पेमेंट नहीं मिल पाती है, जिसके कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जिसको देखते हुए हाल ही में राज्यसभा में MSME डेवलपमेंट बिल 2026 पास किया गया है. जिसकी मदद से अब छोटे और मध्यम कारोबारियों को समय पर भुगतान मिल पाएगा. इस बिल का मुख्य उद्देश्य MSME को उनके सामान या सेवाओं का भुगतान जल्दी दिलवाना और भुगतान को लेकर विवाद की स्थिति से बचाना है.

राज्यसभा में पास हुआ MSME बिल
दरअसल सोमवार को राज्यसभा ने MSME डेवलपमेंट बिल 2026 पास कर दिया है. इस बिल का मकसद छोटे और मझोले कारोबारियों को समय पर भुगतान दिलाना और उनके पैसों की समस्या कम करना है. बिल में विवादों का जल्दी समाधान करने और बकाया रकम की वसूली को आसान बनाने के लिए कई बदलाव भी किए गए हैं.

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बिल में किए गए बदलाव
इस बिल के अनुसार, अगर किसी MSME को भुगतान से जुड़ा मामला जीतने के बाद उस फैसले को रद्द कराने की याचिका 6 महीने से ज्यादा समय तक लंबित रहती है, तो अदालत MSME को तय रकम का कम से कम 50 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश दे सकती है. इससे छोटे कारोबारियों को लंबे समय तक पैसे के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

तो वहीं इस बिल में छोटे, लघु और मध्यम कारोबारियों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने का भी प्रस्ताव है. इस प्लेटफॉर्म पर MSME अपना रजिस्ट्रेशन मुफ्त और अपनी इच्छा से करा सकेंगे. जिसके चलते इसकी मदद से ये रजिस्ट्रेशन आसान हो सकेगा और दुकानदारों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

विवादों का जल्दी होगा समाधान
अपने इस फैसले पर सरकार का कहना है कि नए कानून से MSME से जुड़े विवादों का जल्द निपटारा हो सकेगा. साथ ही, समझौते के जरिए तय रकम और आर्बिट्रेशन अवॉर्ड की वसूली भी आसान होगी. इसे भूमि राजस्व के बकाये की तरह वसूल किया जा सकेगा. बिल में कुछ नियमों के उल्लंघन से जुड़े अपराधों को डी-क्रिमिनलाइज करने का भी प्रस्ताव है. यानी हर गलती पर सीधे आपराधिक कार्रवाई या सजा देने के बजाय अलग-अलग स्तर का जुर्माना लगाया जाएगा.

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प्रतीक्षा राणावत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 12 वर्षों का अनुभव है. इन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मल्टीमीडिया (B.Sc - Multimedia) में ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद जन संचार (Mass Communication) में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है. अपने करियर की शुरुआत इन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, लेकिन समय के साथ लेखन में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई. वर्तमान में प्रतीक्षा बिजनेस और यूटिलिटी विषयों के लिए लेखन करती हैं. इसके अलावा इन्होंने लंबे समय तक एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर भी लिखा है. लिखने के साथ- साथ ही इन्हें ट्रैवलिंग, नई चीज़ों को एक्सप्लोर करना और किताबें पढ़ने का भी शौक है

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Published at : 03 Aug 2026 07:02 PM (IST)

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