लोकसभा में एनसीडीसी संशोधन विधेयक पेश किया गया है, जिससे सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज लेना आसान हो जाएगा। ...और पढ़ें

एनसीडीसी संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश हुआ

समय कम है?
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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज एवं अन्य वित्तीय मदद प्राप्त करना अब आसान हो जाएगा। सरकार ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के कामकाज का दायरा बढ़ाने के लिए लोकसभा में सोमवार को एनसीडीसी संशोधन विधेयक पेश किया है।
इसका मुख्य उद्देश्य एनसीडीसी की वित्तीय सहायता को ज्यादा सीधा, लचीला एवं समयबद्ध बनाना है। नए प्रविधान के तहत अब एनसीडीसी सिर्फ सहकारी समितियों को ही नहीं, बल्कि सहकारी क्षेत्र में काम करने वाली अन्य पात्र संस्थाओं को भी सीधे ऋण और अनुदान दे सकेगा। अभी ऐसी संस्थाओं को सीधे एनसीडीसी से वित्तीय मदद मिलने में कानूनी अड़चन है।
कैसे मिलेगा आसान लोन?
प्रस्तावित कानून के तहत एनसीडीसी सहकारी समितियों या सहकारी विकास से जुड़ी ऐसी संस्थाओं को सीधे ऋण और अनुदान दे सकेगा, जिनके माध्यम से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल सहकारी समितियों के लाभ के लिए किया जाना हो। इसके लिए एनसीडीसी जरूरी सुरक्षा या गारंटी मांग सकेगा। यानी वित्तीय मदद देने के लिए हर बार राज्य सरकार या किसी दूसरी सहकारी संस्था को बीच में लाने की जरूरत नहीं होगी।
अगर किसी दुग्ध सहकारी समिति के लिए दूध ठंडा करने का केंद्र बनाना है, किसी किसान सहकारी समिति के लिए भंडारण या प्रसंस्करण की सुविधा तैयार करनी है अथवा मछली उत्पादन और विपणन से जुड़ा ढांचा खड़ा करना है तो ऐसी परियोजनाओं के लिए काम करने वाली पात्र संस्था को सीधे वित्तीय मदद मिलने का रास्ता खुल सकता है। इससे परियोजनाएं जल्दी शुरू होने और सहकारी सदस्यों को बेहतर सुविधाएं मिलने की संभावना है।
शेयर पूंजी में हिस्सा लेने का अधिकार
विधेयक में सरकार की मंजूरी से एनसीडीसी को सहकारी समितियों या सहकारी विकास से जुड़ी संस्थाओं की शेयर पूंजी में हिस्सा लेने का अधिकार देने का भी प्रस्ताव है। इससे एनसीडीसी की भागीदारी केवल कर्ज देने तक सीमित नहीं रहेगी और वह जरूरत के मुताबिक परियोजनाओं में पूंजी निवेश भी कर सकेगा।
सरकार ने 2025-26 से 2028-29 के बीच चार वर्षों में एनसीडीसी को दो हजार करोड़ रुपये का अनुदान देने का फैसला किया है। इस सरकारी सहायता के आधार पर एनसीडीसी करीब 20 हजार करोड़ रुपये जुटाकर सहकारी क्षेत्र को कर्ज देने की अपनी क्षमता बढ़ा सकेगा। इससे सहकारी संस्थाओं की दीर्घकालिक और कार्यशील पूंजी की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी।