Neha Bora Ink Attack: 'हां, मैंने ही फेंकी', नेहा बोरा पर स्याही फेंकने वाले शख्स का बड़ा खुलासा,क्यों फेंका?

Published on 7 अग॰ 2026

Time Published: Friday, August 7, 2026, 18:56 [IST]

Neha Bora Ink Attack: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मिलने पहुंचीं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक शख्स ने काली स्याही फेंक दी। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।

आरोपी ने खुद स्याही फेंकने की बात स्वीकार करते हुए नेहा बोरा को 'एंटी-नेशनल' बताया। वहीं, नेहा बोरा ने इस घटना के लिए भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर हमला करने वाला शख्स कौन है और उसने ऐसा क्यों किया?

Neha Bora Ink Attack

रांची में क्या हुआ, कैसे हुई स्याही फेंकने की घटना?

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर छात्र पिछले 14 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं। इसी दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा छात्रों का समर्थन करने पहुंचीं। तभी एक युवक ने उन पर काली स्याही फेंक दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया और हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

आरोपी ने क्या कहा, क्यों फेंकी स्याही?

हिरासत में लिए गए युवक ने मीडिया के सामने दावा किया कि उसने जानबूझकर नेहा बोरा पर स्याही फेंकी। उसका आरोप था कि नेहा बोरा 'एंटी-नेशनल' हैं और वह उनके विरोध में यह कदम उठा रहा है। हालांकि उसने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे की पूरी वजह जानने की कोशिश में जुटी है।

नेहा बोरा ने भाजपा-आरएसएस पर लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद नेहा बोरा ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को छात्रों का हितैषी बताते हैं, वही छात्र आंदोलन को कमजोर करने के लिए इस तरह की हरकतें करा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दों से ध्यान भटकाने और डर का माहौल बनाने के लिए इस तरह के हमलों का सहारा लिया जा रहा है।

सरकार को दी खुली चुनौती, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

नेहा बोरा ने कहा कि स्याही फेंकने जैसी घटनाओं से छात्र आंदोलन दबने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि इस तरह छात्रों और युवाओं के गुस्से को खत्म किया जा सकता है, तो यह उसकी गलतफहमी है। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यह आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है और इसे हर हाल में आगे बढ़ाया जाएगा।

JPSC-JSSC आंदोलन क्यों बना बड़ा मुद्दा?

झारखंड में JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन अब राज्यव्यापी स्वरूप ले चुका है। दो छात्र संगठनों ने विधानसभा मार्च का भी ऐलान किया है। मानसून सत्र के बीच यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है और सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।