शिवपुरी जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा की लापरवाही के दो मामलों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने बड़ी कार्रवाई की है। NHM ने 108 एम्बुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी पर कुल 3 लाख 47 हजार 436 रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बैराड़ और बदरवास मे
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इन घटनाओं में समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुंचने के कारण एक महिला को सड़क किनारे बच्चे को जन्म देना पड़ा था। वहीं, दूसरी घटना में ट्रैक्टर-ट्रॉली में प्रसव के बाद नवजात शिशु की मौत हो गई थी। ये मामले सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि 9 जुलाई 2026 को बैराड़ और बदरवास क्षेत्र से जुड़ी 108 एम्बुलेंस की लापरवाही के मामले सामने आए थे। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक को इसकी जानकारी दी थी।
जांच के दौरान 108 सेवा संचालित करने वाली कंपनी जेईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद अपर मिशन संचालक, NHM भोपाल ने 20 जुलाई 2026 को आदेश जारी कर कार्रवाई की।
आदेश के तहत, सीएचसी कोलारस से संबद्ध बीएलएस एम्बुलेंस (CG-04-NS-2892) पर 2 लाख 47 हजार 244 रुपए और सीएचसी बैराड़ से संबद्ध बीएलएस एम्बुलेंस (CG-04-NZ-1364) पर 1 लाख 192 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इस प्रकार, कुल 3 लाख 47 हजार 436 रुपए की राशि परिचालन व्यय से शास्ति के रूप में काटी जाएगी।

ये थीं दोनों घटनाएं बैराड़ में सड़क किनारे हुआ प्रसव 9 जुलाई को बैराड़ तहसील के राजपुरा (टपरा) गांव की गर्भवती महिला संजू आदिवासी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी। आरोप है कि काफी इंतजार के बाद भी एम्बुलेंस नहीं पहुंची।
मजबूरी में परिजन महिला को बाइक से अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में गोन्दोलीपुरा के पास महिला ने सड़क किनारे ही नवजात को जन्म दे दिया। सूचना मिलने पर तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस मौके पर पहुंचे और अपनी सरकारी गाड़ी से जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां दोनों को स्वस्थ बताया गया।
बदरवास में ट्रैक्टर-ट्रॉली में हुआ प्रसव, नवजात की मौत इसी दिन बदरवास के ग्राम बसाई निवासी काजल जाटव को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 एम्बुलेंस को कॉल किया।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें एम्बुलेंस दो घंटे बाद पहुंचने की जानकारी दी गई। इसके बाद 1500 रुपए किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था कर महिला को अस्पताल ले जाया गया।
रास्ते में ही महिला ने बच्ची को जन्म दिया। बदरवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया था कि यदि एम्बुलेंस समय पर पहुंच जाती तो बच्ची की जान बच सकती थी।