
पुलिस ने NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लियाImage Credit source: TV9
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने रविवार को अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली स्थित मुख्यालय से जंतर-मंतर की ओर “उंगली तो उठेगी हल्लाबोल मार्च” निकाला. मार्च के दौरान पूरे मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और कड़ी बैरिकेडिंग की गई थी.
NSUI कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर की ओर आगे बढ़ने से रोकने के लिए भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित संगठन के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. इस कार्रवाई का NSUI ने कड़ा विरोध किया. NSUI ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाबदेही की मांग की. संगठन ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का स्वतंत्र, निष्पक्ष और जनता के प्रति जवाबदेह होना आवश्यक है.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाए
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दोहराया कि चुनाव आयोग के कथित राजनीतिकरण के खिलाफ संगठन का लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि उठी हुई उंगली प्रत्येक मतदाता की शक्ति और चुनावी प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालने वालों से सवाल पूछने के लोकतांत्रिक अधिकार का प्रतीक है.
जाखड़ ने यह भी मांग की कि NSUI को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाए. उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण असहमति और विरोध के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए.
छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास
NSUI के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि पांडेय ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की. उन्होंने आरोप लगाया कि भारी पुलिस बल की तैनाती और कार्यकर्ताओं की हिरासत छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास है. संगठन ने कहा कि चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठाना और जवाबदेही की मांग करना लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को दोहराया
NSUI ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराते हुए स्पष्ट किया कि उंगली तो उठेगी अभियान चुनावी निष्पक्षता और जवाबदेही से जुड़े संगठन के सवालों का समाधान होने तक जारी रहेगा.

विवेक शर्मा
साल 2010 से रिपोर्टिंग की शुरुआत की। सबसे पहले इंडिया न्यूज, श्री न्यूज, लाइन इंडिया, एबीपी न्यूज और अब टीवी 9 भारतवर्ष के साथ, देश की सभी बडी क्राइम की खबरों पर भरोसेमंद रिपोर्टिंग के साथ सफर जारी है.
Read More