Odisha Rain Alert: बाढ़ से बेहाल ओडिशा पर फिर बारिश का साया, 703 गांव पानी में; बंगाल की खाड़ी में बन रहा दबाव

Published on 22 अग॰ 2026

बाढ़ की मार झेल रहे ओडिशा में एक बार फिर भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में रविवार तक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।



मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया कम दबाव का क्षेत्र

आईएमडी के अनुसार, मध्य म्यांमार और आसपास के इलाकों में बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण अब पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों से दूर उत्तरी बंगाल की खाड़ी में पहुंच गया है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में इसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। मौसम केंद्र, भुवनेश्वर की वैज्ञानिक राजश्री के मुताबिक, इसके प्रभाव से ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बारिश का दौर 29 अगस्त की सुबह तक जारी रहने की संभावना है।

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बाढ़ प्रभावित 703 गांवों में अब भी पानी

विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश पी. पाटिल ने सभी जिलों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने बताया कि राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) और SRC कार्यालय सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (DEOC) के साथ मिलकर चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। प्रमुख नदियों का जलस्तर घटा है और वे खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। हालांकि, बालासोर, केंद्रापड़ा, भद्रक और जाजपुर के 703 गांव अभी भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। इन इलाकों में कटे हुए गांवों तक पहुंच बहाल करना, पका हुआ भोजन और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

सात जिलों में करीब 14 लाख लोग प्रभावित

अधिकारियों के अनुसार, हालिया बाढ़ से बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, मयूरभंज, क्योंझर और सुंदरगढ़ समेत सात जिलों में करीब 14 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने राहत, बचाव और बहाली के काम तेज कर दिए हैं। इसके लिए 86 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें 32 ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF), आठ एनडीआरएफ और 46 फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें शामिल हैं। बाढ़ राहत शिविरों, बचाव अभियानों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से तीन चरणों में 167.55 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

आईएमडी ने 22 से 24 अगस्त तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। जल संसाधन विभाग के एक इंजीनियर ने बताया कि 22 और 23 अगस्त को मयूरभंज और क्योंझर में भारी बारिश से जालका और बुधबलंगा नदियों में फिर बाढ़ की स्थिति बन सकती है। इससे बालासोर और मयूरभंज के कुछ इलाकों में पानी भरने का खतरा है। मौसम को देखते हुए जाजपुर और भद्रक जिला प्रशासन ने शनिवार को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों में किसी महामारी या बीमारी के फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग व्यापक स्तर पर काम कर रहा है।