उत्तर प्रदेश सरकार ने यात्रियों और ऑनलाइन ग्राहकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ओला, उबर, स्विगी और जोमैटो जैसी सभी कैब व डिलीवरी कंपनियों के लिए आधिकारिक लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है।
यूपी में Ola-Uber से लेकर Swiggy-Zomato तक के लिए नया नियम, बिना सरकारी लाइसेंस नहीं चलेगा कारोबार (फाइल फोटो)
- Published: 23 Sep 2026, 03:44 PM IST
- Last Updated: 23 Sep 2026, 03:44 PM IST
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित यात्री परिवहन और ऑनलाइन फूड व पार्सल डिलीवरी सेवाओं को नियंत्रित, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। परिवहन विभाग द्वारा जारी नए दिशानिर्देशों के तहत राज्य में दोपहिया, तीन-पहिया, ऑटो और चार-पहिया कैब/बस यात्री सेवाएं संचालित करने वाली एग्रीगेटर कंपनियों जैसे ओला, उबर, रैपिडो के साथ-साथ ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं देने वाली कंपनियों जैसे स्विगी, जोमैटो, अमेजन आदि के लिए राज्य सरकार से आधिकारिक लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना वैध लाइसेंस और पंजीकरण के अब किसी भी कंपनी को प्रदेश में संचालन की अनुमति नहीं होगी।
upmyfleet.com पोर्टल से करना होगा आवेदन
परिवहन विभाग ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल upmyfleet.com शुरू किया है। कंपनियों को इसी पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। नियमावली के तहत 25 हजार रुपये आवेदन शुल्क और 5 लाख रुपये लाइसेंस शुल्क तय किया गया है, जिसके आधार पर कंपनियों को पांच वर्षों के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसके अलावा वाहनों की संख्या के आधार पर सुरक्षा निधि सिक्योरिटी मनी जमा करने का भी स्पष्ट प्रावधान रखा गया है।
यात्री सुरक्षा, बीमा और किराया नियंत्रण पर जोर
इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं और यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना है। कंपनियों को 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित करने, वाहनों की लाइव ट्रैकिंग, चालकों का पुलिस व मनोवैज्ञानिक सत्यापन कराने तथा यात्रियों के लिए सुरक्षा बीमा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही चालकों के लिए स्वास्थ्य बीमा और टर्म इंश्योरेंस का प्रावधान भी शामिल है। मनमाने किराए पर रोक लगाने के लिए बेसिक फेयर से अधिकतम 50 प्रतिशत तक ही डायनेमिक प्राइसिंग की सीमा तय की गई है।
बिना लाइसेंस संचालन पर भारी जुर्माना
परिवहन विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि तय समयसीमा के भीतर पंजीकरण न कराने वाली और बिना अनुमति के अवैध रूप से कैब या डिलीवरी वाहन चलवाने वाली कंपनियों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत भारी आर्थिक दंड और निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से उपभोक्ताओं से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निवारण संभव हो सकेगा।