
टेक कंपनी की नौकरी छोड़कर चुना अलग रास्ताImage Credit source: AI
अच्छी सैलरी और बड़ी कंपनी में नौकरी मिलना हर किसी का सपना होता है. खासकर इंजीनियरिंग करने वाले युवाओं को लगता है कि किसी बड़ी टेक कंपनी में काम करने से उनका भविष्य सुरक्षित हो जाएगा. लेकिन कई बार अच्छी नौकरी मिलने के बाद भी इंसान को एहसास होता है कि वह असल में कुछ और करना चाहता है. कोलकाता के सोहम चक्रवर्ती की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने Oracle जैसी बड़ी कंपनी में तीन साल काम किया, लेकिन फिर नौकरी छोड़कर अपना कारोबार शुरू करने का फैसला कर लिया. आज उनका दावा है कि वह अपनी पुरानी IT नौकरी के मुकाबले 4 से 5 गुना ज्यादा कमाई कर रहे हैं.
सोहम ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद बेंगलुरु में Oracle में नौकरी शुरू की थी. बाहर से देखने पर उनका करियर काफी अच्छा लग रहा था, लेकिन वह अपने काम से खुश नहीं थे. उन्हें समझ आने लगा था कि IT सेक्टर में लंबे समय तक काम करना उनके लिए सही नहीं है. कई महीनों तक वह अपने कंप्यूटर में रिजाइन सेव करके रखते रहे. आखिरकार, 2016 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी.
ऐसे शुरू हुआ सोहम का नया सफर
ये फैसला आसान नहीं था. सोहम ने पहले अपनी बचत, स्टूडेंट लोन और दूसरे खर्चों का हिसाब लगाया. उन्हें लगा कि वह करीब दो साल तक नियमित सैलरी के बिना अपना खर्च चला सकते हैं. जब उन्होंने अपने पिता को नौकरी छोड़ने के बारे में बताया, तो साफ कहा कि जरूरत पड़ी तो सड़क पर केले बेच लेंगे, लेकिन ऐसा काम नहीं करेंगे जिसमें उन्हें खुशी न मिले. उनके पिता ने भी उन्हें अपनी पसंद का रास्ता चुनने के लिए हौसला दिया. नौकरी छोड़ने के बाद सोहम कोलकाता लौट आए और करीब एक साल तक Uber कैब चलाई. इस दौरान उन्होंने शहर की पुरानी गलियों, स्थानीय बाजारों, खानपान और संस्कृति को करीब से जाना. उन्हें महसूस हुआ कि कोलकाता आने वाले कई पर्यटक सिर्फ मशहूर जगहें देखने के बजाय शहर की असली जिंदगी को भी समझना चाहते हैं.
इसी बीच, उनके माता-पिता के Airbnb पर ठहरने वाले कुछ विदेशी पर्यटकों ने उनसे कोलकाता घुमाने में मदद मांगी. सोहम ने उन्हें शहर की सैर कराई और उनका अनुभव अच्छा रहा. धीरे-धीरे दूसरे पर्यटक भी उनके साथ घूमने में दिलचस्पी लेने लगे. लोगों के अच्छे रिव्यू और बढ़ती मांग ने उन्हें इस काम को बिजनेस में बदलने का विचार दिया. इसके बाद सोहम ने कलकत्ता कैप्सूल नाम से अपना टूरिज्म कारोबार शुरू किया. अब वह पर्यटकों को शहर के ऐतिहासिक स्थलों, पुरानी गलियों, स्थानीय खानपान और संस्कृति से परिचित कराते हैं. वह अपने कारोबार के लिए वीडियो बनाते हैं, वेबसाइट तैयार करते हैं और मार्केटिंग का काम भी संभालते हैं. उनके मुताबिक, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई आज भी उनके काम आ रही है.
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हालांकि, नौकरी छोड़ते ही उनकी कमाई शुरू नहीं हो गई थी. कारोबार को स्थिर होने और बचत पर निर्भरता खत्म होने में करीब दो साल लगे. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके माता-पिता के Airbnb में अब तक 4,000 से ज्यादा मेहमान ठहर चुके हैं, जिनमें 2,000 से अधिक विदेशी पर्यटक हैं. सोहम का कहना है कि अब उनकी कमाई पुरानी IT नौकरी के मुकाबले 4 से 5 गुना ज्यादा है, हालांकि उन्होंने इसकी सटीक रकम नहीं बताई है. उनकी कहानी बताती है कि करियर बदलना संभव है, लेकिन इसके लिए योजना, धैर्य और मेहनत जरूरी है. वह भी सलाह देते हैं कि सिर्फ मन भर जाने पर नौकरी छोड़ना सही नहीं है. नया काम शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि उससे कमाई कैसे होगी.

आयुष कुमार
आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं. अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.
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