CDS के जरिए सेना में अधिकारी बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए IMA और OTA में अंतर जानना बेहद जरूरी है. ऐसे में जानिए OTA और IMA के प्रशिक्षण, अवधि और कमीशन के बीच अंतर.
Written By : दीनदयाल पाटीदार | Updated at : 17 Oct 2026 07:39 PM (IST)

OTA और IMA में क्या होता है अंतर?
Source : pexels
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की CDS परीक्षा भारतीय सेना में अधिकारी बनने का एक प्रमुख रास्ता है. CDS के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को अलग-अलग प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जाता है, जिनमें Indian Military Academy (IMA), देहरादून और Officers Training Academy (OTA), चेन्नई प्रमुख हैं. दोनों संस्थानों का उद्देश्य उम्मीदवारों को एक सक्षम सैन्य अधिकारी के रूप में तैयार करना है, लेकिन इनके बीच एंट्री, प्रशिक्षण अवधि, कमीशन और करियर से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं.
यही वजह है कि CDS की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को IMA और OTA को केवल दो अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटर के रूप में नहीं, बल्कि दो अलग-अलग करियर विकल्पों के तौर पर समझना चाहिए. ऐसे में जानिए इनके बीच में अंतर.
IMA में क्या होता है?
Indian Military Academy (IMA) देहरादून भारतीय सेना के पर्मानेन्ट कमीशन वाले अधिकारियों को प्रशिक्षित करने वाली प्रमुख अकादमी है. CDS के जरिए IMA में प्रवेश पाने वाले उम्मीदवारों के लिए प्रशिक्षण की अवधि लगभग 18 महीने होती है. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कैडेटों को भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन मिलता है. IMA के प्रशिक्षण में शारीरिक क्षमता, सैन्य रणनीति, हथियारों का इस्तेमाल, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और युद्ध जैसी परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता पर विशेष जोर दिया जाता है. यहां प्रशिक्षण का उद्देश्य उम्मीदवारों को लंबी अवधि के सैन्य करियर के लिए तैयार करना होता है. CDS के जरिए IMA में आवेदन करने के लिए आमतौर पर अविवाहित पुरुष उम्मीदवार पात्र होते हैं. इसके अलावा उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से डिग्री होना जरूरी है.
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OTA में किस तरह की ट्रेनिंग होती है?
Officers Training Academy (OTA), Chennai मुख्य रूप से Short Service Commission (SSC) के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित करती है. CDS के जरिए OTA में चयनित उम्मीदवारों का प्रशिक्षण लगभग 49 सप्ताह का होता है. OTA की ट्रेनिंग भी काफी कठोर होती है. यहां कैडेटों को सैन्य अनुशासन, नेतृत्व, शारीरिक फिटनेस, हथियार संचालन और फील्ड क्राफ्ट जैसी क्षमताओं में प्रशिक्षित किया जाता है. CDS के माध्यम से OTA में प्रवेश का एक बड़ा अंतर यह है कि महिला उम्मीदवारों के लिए CDS के जरिए OTA प्रमुख विकल्प है.
करियर के हिसाब से समझें
IMA और OTA के बीच सबसे महत्वपूर्ण अंतर कमीशन के प्रकार का है. IMA से पासआउट अधिकारी पर्मानेंट कमीशन के तहत सेना में लंबी अवधि का करियर बना सकते हैं. वहीं OTA से प्रशिक्षित अधिकारी शार्ट सर्विस कमीशन के तहत सेवा शुरू करते हैं. SSC की अवधि और आगे पर्मानेंट कमीशन के अवसर समय-समय पर लागू नियमों और संबंधित शाखा की पात्रता पर निर्भर करते हैं.
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About the author दीनदयाल पाटीदार
मंदसौर, मध्यप्रदेश के दीनदयाल पाटीदार ABP न्यूज में बतौर इंटर्न कार्यरत हैं. मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहे दीनदयाल की जनरल नॉलेज (GK) और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है. वह खबरों को सटीक और ज्ञानवर्धक तरीके से पेश करने का हुनर रखते हैं.
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Published at : 17 Oct 2026 07:39 PM (IST)
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