Updated On: Jul 30, 2026 | 03:30 PM IST
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सार
Nagpur Property Auction: नागपुर में पीएसीएल की 74 संपत्तियों की ई-नीलामी के दौरान 140 करोड़ की जमीन पर 345 करोड़ तक बोली लगी। सिस्टम फेल होने की शिकायत के बाद सेबी जांच कर रही है।

नागपुर संपत्ति नीलामी,(प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI)
विस्तार
Nagpur SEBI PACL Property Auction: नागपुर पोंजी स्कीम चलाने वाली पीएसीएल लि। की संपत्तियों की नीलामी पूरे देश में हो रही है। सेबी की निगरानी में हो रही ई-नीलामी के लिए नागपुर स्थित संपत्तियों की बोली पिछले दिनों लगाई गई। सिटी के प्राइम एरिया में पीएसीएल की 74 प्रॉपर्टी हैं जिनकी मूल कीमत 140 करोड़ रुपये आंकी गई है।
लेकिन बोलीकर्ताओं ने इन जमीनों के लिए 345 करोड़ तक की बोली लगाई। इस दौरान वक्त पर सिस्टम फेल हो गया और कुछ लोग बोली बढ़ाने से रह गए। इसकी शिकायत कई बोलीकर्ताओं ने सेबी के पास की है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि जमीन की नीलामी पूर्ण हो गई है या आगे पुनः बोली लगाई जाएगी।
सेबी से शिकायत बोलीदाताओं ने बताया कि समय से पहले नीलामी बंद होने की शिकायत सेबी से की गई है। सेबी ने भी शिकायत का जवाब भेजा है। सेबी की ओर से कहा गया है कि वह इस मामले की जांच करेगा और फिर वापस संपर्क करेगा, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि ‘नागपुर पैकेज’ की नीलामी हो चुकी है या आने वाले दिनों में पुनः नीलामी कराई जाएगी। असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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नागपुर के बोलीकर्ताओं के नाम हुआ ‘पैकेज’
इसलिए कुछ जानकारों ने बताया कि भले ही शिकायत की गई हो लेकिन नीलामी की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और लगभग 365 करोड़ रुपये की बोली लगाकर नागपुर के एक निवेशक ने ‘नागपुर पैकेज’ को अपने नाम कर लिया है, हालांकि उक्त बोलीदाता से संपर्क नहीं हो पाया है परंतु जानकार यही कह रहे हैं कि नीलामी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
आरएम लोढ़ा समिति के निर्देशों के अनुसार आयोजित इस बोली प्रक्रिया को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की निगरानी में स्टॉक होल्डिंग डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड द्वारा ऑनलाइन मोड में निष्पादित किया गया है। पूरे देश के लिए अलग-अलग पैकेज तैयार किए गए है, ताकि संपतियों की नीलामी कर निवेशकों को उनका पैसा वापस किए जाए।
लोग इसलिए ले रहे रुचि
जानकारों की मानें तो निवेशकों की रुचि लेने का मूल कारण यह है कि संपत्तियां प्राइम एरिया में हैं। भले ही लोढ़ा कमेटी ने इन संपत्तियों का आकलन 140 करोड किया हो लेकिन जानकारों का कहना है कि उक्त संपत्ति 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की हो सकती है, इसलिए जमीन के लिए 400-500 करोड़ रुपये लगाना घाटे का सौदा नहीं है।
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वैसे भी जमीनें वर्धा रोड, हिंगना, बेसा, धतोली, काटोल, पांजरी जैसे क्षेत्रों में हैं, जहां पर नया नागपुर और थर्ड रिंग रोड परियोजनाएं आ रही हैं। नागपुर के ग्रोथ क्षेत्र में होने के कारण ही स्थानीय लोगों की रुचि काफी अधिक है, दिलचस्प बात यह है कि नागपुर के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित संपत्तियों में गहरी रुचि दिखाने वाले 18 से अधिक सक्रिय बोलीदाता थे, हैदराबाद, मुंबई, औरंगाबाद के भी बोलीदाता इनमें शामिल थे।
