टीचर को मिली PDF से खुला NEET पेपरलीक का राज: एक के बाद एक जुड़ते गए तार, CBI की 94-पेज की चार्जशीट में पूरी कहानी, पार्ट-1 - Rajasthan News

Published on 11 अग॰ 2026

3 मई 2026 को NEET UG-2026 खत्म होने के कुछ देर बाद ही राजस्थान के सीकर में केमिस्ट्री के एक टीचर शशिकांत सुथार को दो PDF मिलीं। इन PDF में वो सवाल थे, जो NEET में आए सवालों से हूबहू मैच कर रहे थे। ये सबूत था कि NEET का पेपर लीक हो गया है।

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सीबीआई ने NEET पेपर लीक मामले में हाल ही में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। मामले में राजस्थान से 3 आरोपी और 20 से ज्यादा गवाह बनाए गए हैं। भास्कर के पास CBI की 94 पेज की पूरी चार्जशीट मौजूद है। भास्कर ने चार्जशीट का एनालिसिस किया।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

3 मई की शाम NEET खत्म होने के बाद सीकर के एक इंस्टीट्यूट में केमिस्ट्री पढ़ाने वाले टीचर शशिकांत सुथार को उनके मकान मालिक राकेश स्वामी ने अपने मोबाइल फोन में दो PDF दिखाई। इनमें NEET से जुड़े सवाल थे।

शशिकांत सुथार ने चेक किया। इन पीडीएफ में लिखे सवाल कुछ ही मिनट पहले खत्म हुए NEET के पेपर से मिल रहे थे। शशिकांत ने कुछ दोस्तों और साथी स्टाफ को भी दोनों पीडीएफ भेजी और डबल चेक किया। इसके बाद क्लियर हो गया कि पेपर लीक हुआ है।

उन्होंने 7 मई 2026 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के DG अभिषेक सिंह को ईमेल किया। ईमेल के बाद NTA में हड़कंप मच गया।

वहां से तुरंत ही शशिकांत सुथार को फोन कर उनसे तुरंत दोनों PDF मांगी। शशिकांत ने 8 मई को उन्हें PDF भेज दी।

चार्जशीट के पेज नंबर 25 में जिक्र है कि केमिस्ट्री टीचर शशिकांत सुथार को उनके मकान मालिक राकेश स्वामी ने ये पीडीएफ दी थी।

चार्जशीट के पेज नंबर 25 में जिक्र है कि केमिस्ट्री टीचर शशिकांत सुथार को उनके मकान मालिक राकेश स्वामी ने ये पीडीएफ दी थी।

राजस्थान में 15 लोगों को पकड़ा

12 मई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (NTA डिवीजन) के डायरेक्टर वरुण भारद्वाज की शिकायत पर सीबीआई ने मामले में केस रजिस्टर्ड कर लिया। साथ ही NEET 2026 का एग्जाम भी रद्द कर दिया गया।

इधर, सीबीआई टीम के आने से पहले 8 मई से ही राजस्थान में एसओजी ने मामले में एक के बाद एक कार्रवाई कर 15 लोगों को पकड़ लिया था।

सीबीआई ने चार्जशीट में बताया है कि NEET पेपर लीक मामले में सबसे पहले शशिकांत सुथार के मकान मालिक राकेश स्वामी से पूछताछ की गई कि वो दोनों पीडीएफ उसके पास कैसे पहुंची थी?

राकेश स्वामी ने बताया कि उन्हें ये पीडीएफ केरल में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर स्टूडेंट उनके बेटे हितेश कुमार ने एग्जाम से पहले 2 मई को रात में करीब 11 बजे वॉट्सएप की थी। हितेश केरल के अडूर में माउंट जिओन मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा था।

सीबीआई ने हितेश कुमार को इंट्रोगेट किया तो पता चला कि उसे ये दोनों पीडीएफ उसी के रूममेट लक्ष्य राज से मिली थी।

पेशी के दौरान अपना मुंह छुपाते आरोपी।

पेशी के दौरान अपना मुंह छुपाते आरोपी।

डिलीट कर दी PDF वाली चैट

पड़ताल में सामने आया कि लक्ष्य राज राजस्थान के झुंझुनूं का रहने वाला है। पहले वह भी सीकर में ही एक प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ता था। लक्ष्य राज ने अपने मोबाइल से पहले ही पीडीएफ वाली चैट डिलीट कर दी थी।

लक्ष्य राज से पूछताछ में सामने आया कि उसके दोस्त रजत चौधरी का भाई ऋषभ चौधरी भी NEET देने वाला था। 2 मई की रात 10 बजे अभिषेक सैनी नाम के एक शख्स ने लक्ष्य राज के चचेरे भाई सचिन धनगड़ के मार्फत रजत चौधरी से संपर्क किया था।

इस दौरान अभिषेक ने रजत को बताया था कि उसके पास NEET के लीक हुए सवाल हैं। सवालों के 40 हजार रुपए देने होंगे। रजत ने अभिषेक के कहने पर फोन-पे से लक्ष्य राज को 30 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे।

इसके बाद लक्ष्य राज ने चचेरे भाई सचिन के जरिए अभिषेक सैनी से वह पीडीएफ मंगवाकर उन्हें दी। सीबीआई इन्वेस्टिगेशन में ऋषभ चौधरी ने पुष्टि की है कि उसके भाई रजत ने उसे 2 मई को रात 11 बजे PDF फॉर्मेट में लगभग 450 हल किए गए सवाल-जवाब की शीट भेजी थीं।

PDF में 500 सवाल थे

सीबीआई ने अभिषेक सैनी को इंट्रोगेट किया तो पता चला कि अभिषेक सीकर की आरके एजुकेशनल कंसल्टेंसी के मालिक राकेश मंडावरिया के लिए काम कर रहा था। अभिषेक ने बताया कि 2 मई को राकेश दो अनजान लोगों के साथ ऑफिस आया था। यहां उन्होंने वॉट्सएप से NEET के गेस पेपर की दो PDF फाइलें दीं। इन PDF में लगभग 500 सवाल थे।

इसके बाद रात में आरके एजुकेशनल कंसल्टेंसी में ही काम करने वाला जितेंद्र कुमार एक स्टूडेंट के साथ में उसके पास आया। उससे कहा कि वह उन दो PDF फाइलों को उस स्टूडेंट के मोबाइल में ट्रांसफर कर दे।

इसके बाद जितेंद्र कुमार ने अभिषेक को अपने फोन से PDF डिलीट करने के लिए कहा था। अभिषेक ने डिलीट करने के बजाय पीडीएफ सचिन को भेज दी।

सीबीआई ने आरके एजुकेशनल कंसल्टेंसी चलाने वाले राकेश मंडावरिया से पूछताछ की तो सामने आया कि वह अपनी फर्म में MBBS, BDS, BAMS में एडमिशन के लिए काउंसलिंग देता है। 30 अप्रैल 2026 को उसके पास नितेश चौधरी और आशीष चौधरी आए थे।

इस दौरान नितेश ने दावा किया कि वह पैसों के बदले NEET का पेपर दिला सकता है। 2 मई को नितेश दोबारा से राकेश के ऑफिस में आया। ब्लूटूथ के जरिए अपने फोन से राकेश के फोन में PDF फाइलें भेजने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं रहा।

राकेश ने अपने स्टाफ अभिषेक सैनी से कहा कि वह अपने ऑफिस के कंप्यूटर में नितेश की PDF फाइलें ले ले और उसके वॉट्सएप पर भेज दे। अभिषेक ने वैसा ही किया और फाइलें राकेश को भेज दी।

यह सीकर की आरके एजुकेशनल कंसल्टेंसी है।

यह सीकर की आरके एजुकेशनल कंसल्टेंसी है।

कल पढ़िए पार्ट-2

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