Srinivasan Murder Case: केरल के श्रीनिवासन हत्याकांड में एनआईए को बड़ी सफलता मिली. सऊदी अरब से लौटे पीएफआई के फरार आरोपी को नई दिल्ली के हवाई अड्डे से पकड़ा गया. इस मामले में अब तक 67 आरोपी पकड़े जा चुके हैं.
Srinivasan Murder Case: केरल के श्रीनिवासन हत्याकांड में एनआईए को बड़ी सफलता मिली. सऊदी अरब से लौटे पीएफआई के फरार आरोपी को नई दिल्ली के हवाई अड्डे से पकड़ा गया. इस मामले में अब तक 67 आरोपी पकड़े जा चुके हैं.
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Srinivasan Murder Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केरल के चर्चित श्रीनिवासन हत्याकांड में एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े एक प्रमुख फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है.
सऊदी अरब से लौटते ही आईजीआई एयरपोर्ट पर शिकंजा
एनआईए ने मुहम्मदअली के.पी., जो पीएफआई के पलक्कड़ जिला अध्यक्ष रह चुके हैं, को गुरुवार सुबह नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर उस समय गिरफ्तार किया, जब वह सऊदी अरब के रियाद से भारत लौटे. वह पिछले चार वर्षों से रियाद में छिपा हुआ था. इस गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 67 हो गई है.
चार्जशीट, गंभीर धाराएं और घोषित इनाम
एनआईए के अनुसार, अब तक इस मामले में 65 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. मुहम्मदअली के.पी. के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम [UAPA] की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है. जांच एजेंसी के मुताबिक, केरल के पलक्कड़ जिले का रहने वाला मुहम्मदअली इस हत्या की साजिश रचने वालों में प्रमुख भूमिका निभाने वाला आरोपी था. उसने 16 अप्रैल 2022 को श्रीनिवासन की हत्या करने वाले हमलावरों को शरण भी दी थी. उसकी गिरफ्तारी के लिए एनआईए ने 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था.
सांप्रदायिक तनाव और देश विरोधी साजिश का खुलासा
एनआईए की जांच में सामने आया है कि श्रीनिवासन की हत्या प्रतिबंधित संगठन पीएफआई की उस कथित साजिश का हिस्सा थी, जिसके तहत देश में हिंसक गतिविधियों और आतंक फैलाकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने तथा वर्ष 2047 तक भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करने का एजेंडा आगे बढ़ाया जा रहा था.
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ट्रेनिंग विंग, रिपोर्टर्स विंग और सर्विस टीम का नेटवर्क
सितंबर 2022 में दर्ज इस मामले की जांच के दौरान एनआईए ने पाया कि पीएफआई विभिन्न विंग और इकाइयों के माध्यम से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था. एजेंसी के अनुसार, संगठन अपने कार्यालयों, परिसरों और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल फिजिकल एजुकेशन (PE), योग प्रशिक्षण आदि की आड़ में चुनिंदा कार्यकर्ताओं को हथियारों का प्रशिक्षण देने के लिए करता था. जांच में यह भी सामने आया कि संगठन की रिपोर्टर्स विंग संभावित लक्ष्यों की जानकारी जुटाती थी, जबकि सर्विस टीम हिंसक और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देती थी. एनआईए ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है.
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