Photo Vastu Rules: दिनभर की भागदौड़, जॉब का स्ट्रेस और छोटी-छोटी बातों पर होने वाली बहस धीरे-धीरे पति-पत्नी के रिश्ते में दूरी बढ़ा देती है. कई बार घर लौटने के बाद भी दिमाग काम के टेंशन में ही फंसा रहता है. ऐसे में बेडरूम का माहौल रिलैक्स और पॉजिटिव रखने की कोशिश करना स्वाभाविक है. लोग कमरे को खूबसूरत बनाने के लिए अलग-अलग तस्वीरें, पेंटिंग और डेकोरेशन आइटम लगाते हैं. इन्हीं में राधा-कृष्ण की तस्वीर या मूर्ति भी काफी पसंद की जाती है. लवर्स के लिए आज भी, राधा-कृष्ण को प्रेम, भरोसे और आपसी समझ का प्रतीक माना जाता है. इसलिए कई कपल्स बेडरूम में उनकी तस्वीर लगाना शुभ समझते हैं.
लेकिन वास्तु के हिसाब से सिर्फ तस्वीर लगा देना ही काफी नहीं है. उसकी दिशा, जगह और स्वरूप का भी ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. गलत जगह पर रखी तस्वीर को लेकर वास्तु में कुछ सावधानियां बताई गई हैं. तो ऐसे में सवाल आता है कि बेडरूम में राधा-कृष्ण की तस्वीर लगानी चाहिए या नहीं? अगर लगानी है, तो किस दिशा में रखना बेहतर माना जाता है? तस्वीर कैसी होनी चाहिए? और किन गलतियों से बचना चाहिए? वास्तु मान्यताओं के अनुसार, सही दिशा और सही स्वरूप का ध्यान रखा जाए तो यह तस्वीर कमरे में प्रेम और पॉजिटिव माहौल का एहसास बढ़ा सकती है. वहीं, कुछ बातों को नजरअंदाज करने से बचने की सलाह दी जाती है. आइए जानते हैं राधा-कृष्ण की तस्वीर और मूर्ति से जुड़े वे जरूरी वास्तु नियम, जिन्हें बेडरूम में ध्यान रखना चाहिए.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: Chandra Grahan Rashifal: चंद्र ग्रहण से केवल हानि नहीं, इन 3 राशियों को हो सकता है लाभ, इनमें कहीं आप भी तो नहीं
क्या लगा सकते हैं तस्वीर?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम में राधा-कृष्ण की शांत, सुंदर और सौम्य तस्वीर लगाना बिल्कुल शुभ और सही माना जाता है. राधा-कृष्ण का जोड़ा अटूट प्रेम, समर्पण और आपसी सामंजस्य का प्रतीक है. उनकी तस्वीर कमरे में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और रिश्तों में मिठास बढ़ाती है. लेकिन ध्यान रखें, सिर्फ तस्वीर लगा देना ही काफी नहीं है. उसकी दिशा, जगह और स्वरूप का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है. वास्तु में गलत जगह पर रखी गई तस्वीर को अशुभ माना गया है, इसलिए सही नियमों को समझना जरूरी है.
---विज्ञापन---
सही दिशा और स्थान
राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाने के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पश्चिम दिशा की दीवार सबसे उत्तम मानी गई है. इसे बिस्तर के ठीक सामने वाली दीवार पर लगाना चाहिए, ताकि सुबह उठते ही सबसे पहले आपकी नजर उनके दर्शन पर पड़े. इससे दिन की शुरुआत सकारात्मकता के साथ होती है और मन शांत रहता है. तस्वीर ऐसी होनी चाहिए जिसमें राधा और कृष्ण एक-दूसरे को देख रहे हों या मुस्कुरा रहे हों. यह रूप प्रेम और सौहार्द का संदेश देता है.
यह भी पढ़ें: Food Prayer: सदियों पुरानी है भोजन से पहले अन्न को प्रणाम करने की परंपरा, जानें धार्मिक महत्व और लाभ
---विज्ञापन---
क्या न करें: वर्जित नियम
सिरहाने या पैरों की ओर न लगाएं
तस्वीर को कभी भी बिस्तर के ठीक ऊपर सिरहाने की दीवार पर या ऐसी जगह न लगाएं जहां सोते समय आपके पैर सीधे तस्वीर की तरफ पड़ें. इसे भगवान का अनादर माना जाता है और इससे रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है.
दक्षिण दिशा से बचें
दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा की दीवार पर राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाने से बचना चाहिए. इस दिशा को पितरों और यमराज से जोड़ा गया है, इसलिए यहां तस्वीर लगाना अशुभ माना जाता है.
---विज्ञापन---
भारी या उग्र तस्वीर न हो
बेडरूम में बहुत भव्य, उग्र या भीड़भाड़ वाली तस्वीर न लगाएं. जिन तस्वीरों में गोपियां या अन्य दृश्य हों, वे बेडरूम के लिए उचित नहीं हैं. केवल राधा-कृष्ण का शांत और सौम्य स्वरूप ही इस कमरे के लिए सही है.
मूर्ति न रखें
बेडरूम में पूजा-पाठ या नियमित रूप से दीपक-अगरबत्ती जलाने के लिए मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए. बेडरूम केवल प्रेम और शांति के प्रतीक के रूप में एक फ्रेम की गई सौम्य तस्वीर के लिए उपयुक्त है. मूर्तियों के लिए पूजा घर या मंदिर ही सही स्थान है.
---विज्ञापन---
क्यों है यह खास?
राधा-कृष्ण की तस्वीर बेडरूम में प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बनाती है. उनका शांत स्वरूप मानसिक तनाव को कम करता है और रिश्तों में आपसी समझ बढ़ाता है. जब दोनों पार्टनर राधा-कृष्ण के अटूट प्रेम को देखते हैं, तो वे भी अपने रिश्ते में वैसी ही मिठास और भरोसा लाने का प्रयास करते हैं. यही कारण है कि वास्तु में इसे वैवाहिक सुख बढ़ाने का एक प्रभावी उपाय माना गया है.
यह भी पढ़ें: Paan Supari Puja: भगवान की पूजा में सुपारी-पान क्यों है जरूरी? कैसे जुड़ा है इससे सुख-समृद्धि का संबंध; जानें
---विज्ञापन---
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.