National News : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने देश में दलितों के साथ होने वाले भेदभाव और अपमान का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने कहा कि देश में दलितों को जन्म से लेकर मृत्यु तक कई तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ता है. आरोप लगाया कि जब कोई दलित व्यक्ति अपनी आवाज उठाता है तो उस पर और ज्यादा हमला किया जाता है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े उत्तराखंड के हल्द्वानी मामले का भी जिक्र किया. कहा कि खरगे के कार्यक्रम वाली जगह पर ‘शुद्धिकरण’ की रस्म की गई. उनके मुताबिक, इस तरह की रस्म छुआछूत की सोच को दिखाती है और संविधान के तहत छुआछूत अपराध है.
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत… pic.twitter.com/MJpDFRm9Zj
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 29, 2026
राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना को करीब 20 दिन हो चुके हैं. लेकिन अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि इस मामले में SC/ST एक्ट के तहत जल्द FIR दर्ज कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो.
कांग्रेस नेता ने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी जी देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ दिखाई दे रही है. यह भी कहा कि अब गेंद बीजेपी के पाले में है. राहुल गांधी ने जल्द से जल्द SC-ST कानून के तहत FIR दर्ज करने के साथ कार्रवाई और न्याय की मांग. चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है.
बीजेपी और RSS पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर दलितों के प्रति भेदभावपूर्ण सोच रखने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राजस्थान में भी कांग्रेस के एक नेता के मंदिर जाने के बाद ‘शुद्धिकरण’ की रस्म की गई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपना पूरा जीवन देश और संविधान को समर्पित किया है.
इसके बावजूद उनके कार्यक्रम के बाद ऐसी रस्म किया जाना गंभीर मामला है. राहुल गांधी ने कहा कि ‘शुद्धिकरण’ के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जाती है कि दलित अशुद्ध हैं और उन्हें छूना नहीं चाहिए. उन्होंने इसे छुआछूत का ही एक रूप बताया.
संविधान और RSS की विचारधारा की लड़ाई
राहुल गांधी ने कहा कि देश में इस समय दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है. एक तरफ संविधान की विचारधारा है, जबकि दूसरी तरफ बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा है. उन्होंने कहा कि संविधान ने दलितों को बराबरी और सम्मान का अधिकार दिया है, लेकिन इसके बावजूद आज भी समाज में उनके साथ भेदभाव होता है.
राहुल गांधी ने स्कूलों में दलित बच्चों के साथ भेदभाव का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कई जगह दलित बच्चों से सफाई और झाड़ू लगाने जैसे काम करवाए जाते हैं. उनका कहना था कि इससे बच्चों के मन पर गलत असर पड़ता है और भेदभाव की सोच आगे बढ़ती है.
दलितों के साथ भेदभाव के उदाहरण गिनाए
राहुल गांधी ने कहा कि देश में आज भी कई जगह दलितों को सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ जगहों पर दलितों को कुएं से पानी लेने की अनुमति नहीं दी जाती. उन्होंने चाय की दुकानों पर अलग-अलग कप दिए जाने का भी दावा किया.
कांग्रेस नेता ने कहा कि कई जगह दलितों के लिए अलग कप या गिलास रखे जाते हैं. उन्होंने दलितों की बारात का भी जिक्र किया. कहा कि कई जगह दलित दूल्हों को घोड़ी पर बैठने को लेकर विरोध का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी सुरक्षा के लिए बारात में हेलमेट तक पहनने को मजबूर होते हैं.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि दलितों को संविधान ने बराबरी का अधिकार दिया है और अब जरूरत है कि इन अधिकारों को जमीन पर भी लागू किया जाए. उन्होंने सरकार से मांग की कि हल्द्वानी मामले में जल्द FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाए.


Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें