Published: Friday, August 28, 2026, 17:45 [IST]
PM Kisan Scheme Fraud: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे रजिस्ट्रेशन मिले हैं, जिनमें लाभार्थियों की पात्रता और दस्तावेजों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। जांच में करीब 4.45 लाख रजिस्ट्रेशन संदिग्ध पाए गए हैं।
आरोप है कि साल 2019-2020 के दौरान डायरेक्ट एंट्री के जरिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों का पंजीकरण कराया गया। कृषि विभाग ने जब इन लाभार्थियों से जरूरी रिकॉर्ड मांगे तो मामले की परतें खुलने लगीं। कृषि निदेशालय दिल्ली, केंद्रीय सतर्कता आयोग और पुलिस की अलग-अलग जांच में भी फर्जी रजिस्ट्रेशन की बात सामने आई। अब साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
4.45 लाख रजिस्ट्रेशन पर सवाल
जांच के दौरान कुंडा तहसील से जुड़े करीब 4 लाख 45 हजार 865 रजिस्ट्रेशन की जांच की गई। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की मिली, जिनका प्रतापगढ़ में न तो बैंक खाता था और न ही आधार कार्ड से जुड़ा रिकॉर्ड मिला। जांच टीम ने जब इन लोगों की जानकारी खंगाली तो करीब 3 लाख 80 हजार रजिस्ट्रेशन डिलीट कर दिए गए। वहीं करीब 66 हजार रजिस्ट्रेशन का डाटा अभी डिलीट नहीं हुआ है। जांच में दूसरे जिलों के लोगों के शामिल होने की बात भी सामने आई है।
ये भी पढ़ें: PM Kisan 24th Installment: कब आएगी पीएम किसान की 24वीं किस्त? खाते में 2000 पाने के लिए तुरंत करें ये 3 काम
प्रतापगढ़ में 5.18 लाख किसान
उप कृषि निदेशक अश्वनी सिंह के मुताबिक, प्रतापगढ़ में कुल करीब 5 लाख 18 हजार किसान दर्ज हैं। इनमें से लगभग 3 लाख किसानों के पास फार्मर आईडी है, जबकि करीब 2 लाख 18 हजार किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं है।
उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि की तीसरी किस्त जुलाई में जारी की जा चुकी है। ऐसे में जिन किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है, लेकिन उनके पास फार्मर आईडी नहीं है, उनके रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। इन्हीं मामलों को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
साइबर क्राइम थाने में केस
प्रतापगढ़ के एसपी दीपक भूकर ने बताया कि उप कृषि निदेशक की ओर से साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी गई थी। शिकायत में कहा गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कुछ लाभार्थियों ने पात्र नहीं होने के बावजूद योजना की रकम हासिल की। मामले में साइबर क्राइम से जुड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब उस आईडी की भी जांच कर रही है, जिससे इन रजिस्ट्रेशन के लिए लॉगिन किया जा रहा था।
लॉगिन आईडी की भी होगी जांच
एसपी के अनुसार, मामले की जांच साइबर क्राइम थाने की टीम कर रही है। इसके लिए टीम गठित की जाएगी और रजिस्ट्रेशन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। किस आईडी से लॉगिन किया गया, किन लोगों का डाटा दर्ज किया गया और योजना की रकम किन खातों में गई, इन सभी बिंदुओं पर जांच होगी। जैसे-जैसे जांच में नए सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें: पिता भी किसान और बेटा भी, क्या दोनों के खाते में आएगी पीएम किसान की किस्त? आवेदन से पहले देख लें डिटेल