पटना में हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। फतुहा थाना क्षेत्र के नियाजीपुर गांव के पास हुई इस कार्रवाई में आलमगंज निवासी शुभम कुमार (25) गोली लगने से घायल हो गया।
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पुलिस के मुताबिक, हथियार बरामद करने पहुंची STF और पुलिस की संयुक्त टीम पर शुभम ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी।
घायल शुभम को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है।

पुलिस के मुठभेड़ में घायल अपराधी को PMCH में भर्ती कराया गया।
पटना कॉलेज में छापेमारी, पांच आरोपी गिरफ्तार
ग्रामीण एसपी कोमल मीणा ने बताया, STF से सूचना मिली थी कि कदमकुआं थाना क्षेत्र स्थित पटना कॉलेज परिसर में कुछ अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं।
इसके बाद कदमकुआं थानाध्यक्ष की टीम ने परिसर में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद पांच लोगों में से दो आरोपी अंशु और कृष को खदेड़कर पकड़ा गया।
अंशु के पास से एक देसी कट्टा और दो कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ और आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों शुभम, आलोक और बंटी को भी गिरफ्तार किया।
ग्रामीण एसपी के मुताबिक, शुभम कुमार के खिलाफ पहले से 10 से 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।

घटनास्थल का जायजा लेते वरिष्ठ पुलिस अधिकारी।
हथियार बरामद करने पहुंची टीम पर फायरिंग
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान शुभम ने एक अन्य देसी कट्टा और कारतूस फतुहा के नियाजीपुर गांव के पास होने की जानकारी दी। इसके बाद कदमकुआं थाना, फतुहा थाना और STF की संयुक्त टीम हथियार बरामद करने के लिए वहां पहुंची।
पुलिस का आरोप है कि बरामदगी की कार्रवाई के दौरान शुभम ने अचानक STF की टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें शुभम के दाहिने पैर में गोली लगी।
घायल होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और इलाज के लिए PMCH पहुंचाया। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
दो देसी कट्टा, तीन कारतूस और पांच मोबाइल बरामद
पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में कुल दो देसी कट्टा, तीन कारतूस, पांच मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की गई है। पुलिस गिरोह के सदस्यों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब गिरोह के अन्य आपराधिक मामलों में शामिल होने और बरामद हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में विस्तृत जानकारी पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के आधार पर सामने आएगी।