PoK में हिंसा के खिलाफ ब्रिटेन में कश्मीरी डायस्पोरा का प्रदर्शन, पाकिस्तान काउंसलेट के बाहर धरना

Published on 14 अग॰ 2026

रिटेन में रहने वाले कश्मीरी समुदाय ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के लोगों के समर्थन में ब्रैडफोर्ड स्थित पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास के बाहर धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने पीओजेके में आम नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग, नागरिकों की मौत, लंबे समय से जारी सैन्य और सुरक्षा प्रतिबंधों और खाने-पीने की चीजों तथा जरूरी दवाओं की सप्लाई में रुकावट को लेकर गहरी चिंता जताई है. यह प्रदर्शन पब्लिक एक्शन कमेटी और पीओजेके के लोगों के समर्थन में किया गया, जो अपने मौलिक अधिकार, सम्मान, न्याय और लोकतांत्रिक आजादी की मांग कर रहे हैं.

ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास के बाहर हुए इस प्रदर्शन में ब्रिटिश कश्मीरी समुदाय के सदस्य जिया अहमद ने कहा कि कश्मीरी लोगों के मौलिक मानवाधिकार, लोकतांत्रिक और राजनीतिक अधिकारों का सम्मान और उन्हें मान्यता दी जानी चाहिए. 

अहमद ने पीओके में नागरिकों के खिलाफ कथित बल प्रयोग, नागरिकों की जान जाने, लंबे समय से चले आ रहे प्रतिबंधों और जरूरी खाद्य सामग्री तथा दवाओं की सप्लाई में रुकावट को लेकर चिंता जताई.

#WATCH | UK: A protest was held outside the Pakistan Consulate in Bradford on Friday over developments in Pakistan-occupied Jammu and Kashmir (PoJK). Following the demonstration, protesters submitted a memorandum to a Pakistani diplomat addressed to the Prime Minister of… pic.twitter.com/ux6jjeyoeP

सम्बंधित ख़बरें

— ANI (@ANI) August 14, 2026

यह भी पढ़ें: राफेल के डर से PAK ने छुपा ली थी पूरी F-16 की फ्लीट, पूर्व अफसर का बड़ा खुलासा

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से इस मामले को तुरंत संज्ञान में लेने और कश्मीरी लोगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असरदार भूमिका निभाने की अपील की. अहमद ने यह भी कहा कि लोगों की जायज मांगों को बातचीत और शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए हल किया जाना चाहिए, न कि बल प्रयोग के जरिए.

प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा की मांग करते हुए अधिकारियों से खाने-पीने की चीजों और दवाओं की सप्लाई पर लगी रोक तुरंत हटाने की अपील की. कश्मीरी समुदाय के संगठनों ने बार-बार यह मांग दोहराई है कि नागरिकों की सुरक्षा और जरूरी सेवाओं तक पहुंच को प्राथमिकता दी जाए, जबकि राजनीतिक मतभेदों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सुलझाया जाए.

---- समाप्त ----

ये भी देखें

Live TV