विश्व बाघ दिवस: उत्तराखंड ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, बाघ बचाने और प्लास्टिक रोकने पर सीएम धामी का जोर
World Tiger Day: विश्व बाघ दिवस पर देहरादून में "एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन" विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए.
World Tiger Day: विश्व बाघ दिवस पर देहरादून में "एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन" विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए.
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CM Dhami on World Tiger Day Photograph: (CM Dhami x account)
World Tiger Day: विश्व बाघ दिवस के अवसर पर देहरादून में "एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन" विषय पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए. कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाना और बाघों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाना था.
कार्यक्रम के दौरान बाघ संरक्षण पर आधारित विशेष चित्र और पोस्टकार्ड का विमोचन किया गया. इन चित्रों और पोस्टकार्ड के माध्यम से लोगों, खासकर युवाओं और बच्चों को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया गया. CM धामी का मानना है कि इस तरह के प्रयास लोगों में जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
विश्व बाघ दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित "एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन" विषयक राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में सहभागिता कर बाघ संरक्षण पर आधारित चित्र एवं पोस्टकार्ड का विमोचन किया।
साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष में साहसिक कार्य करने तथा… pic.twitter.com/Ifvo8rJVWn
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 29, 2026
कार्यशाला में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान उन सामाजिक कार्यकर्ताओं और वन्यजीव प्रेमियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में साहस और जिम्मेदारी के साथ काम किया है. सरकार ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं और इनके प्रयासों से वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलती है.
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प्लास्टिक पर हुई बात
CM धामी ने कहा कि कार्यक्रम में यह भी बताया कि एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग जंगलों, नदियों और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है. ऐसे में प्रशासन, स्थानीय निकायों और आम लोगों को मिलकर इस अभियान को सफल बनाना होगा. लोगों से कपड़े या जूट के बैग इस्तेमाल करने और प्लास्टिक से दूरी बनाने की अपील भी की गई.
क्या बोले वक्ता?
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड अपनी समृद्ध जैव विविधता और घने जंगलों के लिए जाना जाता है. यहां बाघ समेत कई दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है. यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे, तो वन्यजीव भी सुरक्षित रहेंगे. इसी सोच के साथ राज्य सरकार लगातार जंगलों के संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है.
पीएम के अभियान का किया उल्लेख
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों का भी उल्लेख किया गया. CM धामी ने बताया गया कि स्वच्छ भारत अभियान ने देशभर में स्वच्छता के प्रति नई सोच विकसित की है. वहीं "एक पेड़ मां के नाम" अभियान लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है. नमामि गंगे मिशन के जरिए गंगा और अन्य नदियों को स्वच्छ बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है. इसके साथ ही सौर और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
क्या बोले CM धामी?
CM धामी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है. यदि हर व्यक्ति प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करे, पेड़ लगाए और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बने, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है. विश्व बाघ दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि प्रकृति, वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प का संदेश भी था. सरकार, प्रशासन और समाज के साझा प्रयासों से उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत उदाहरण बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है.
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