बाढ़ के बीच मैदान में उतरे तहसीलदार : पुल के पास खुद हटाने में जुटे मलबा, चेरपाल रपटा को यातायात के लिए खोलने की कोशिश - Haribhoomi

Published on 30 जुल॰ 2026

बाढ़ के बीच मैदान में उतरे तहसीलदार : पुल के पास खुद हटाने में जुटे मलबा, चेरपाल रपटा को यातायात के लिए खोलने की कोशिश

बीजापुर के गंगालूर तहसीलदार भोज कुमार डहेरिया स्वयं राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे, कर्मचारियों के साथ मिलकर ह्यूम पाइप में फंसे कचरे और मलबे को हटाने में हाथ बंटाया।

Tehsildar is involved in clearing the debris

तहसीलदार मलबे को हटाने में जुटे

  • Published: 30 Jul 2026, 03:28 PM IST
  • Last Updated: 30 Jul 2026, 03:28 PM IST

गणेश मिश्रा- बीजापुर। जिले में लगातार तीन दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं। हालांकि बारिश का असर कुछ कम होने के साथ चेरपाल नाले का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, लेकिन ह्यूम पाइपों में फंसी लकड़ियों और अन्य मलबे की वजह से पानी का बहाव बाधित हो रहा था। इससे रपटा के ऊपर से पानी बहने की स्थिति बनी हुई थी और लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी।

जिले में अब तक 636.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज
कलेक्टर कार्यालय भू-अभिलेख शाखा के अनुसार जिले में एक जून से अब तक 636.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान बीजापुर में सर्वाधिक 803.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं भैरमगढ़ में 773.4 मिमी, कुटरू में 747.9 मिमी, गंगालूर में 582.3 मिमी, भोपालपटनम में 527.6 मिमी तथा उसूर में 383.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। लगातार हुई बारिश से जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है।

तहसीलदार ने खुद संभाला मोर्चा
स्थिति को देखते हुए गंगालूर तहसीलदार भोज कुमार डहेरिया स्वयं राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सिर्फ निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि कर्मचारियों के साथ मिलकर ह्यूम पाइप में फंसे कचरे और मलबे को हटाने में भी हाथ बंटाया। अधिकारियों की इस पहल से पानी के बहाव को सुचारु करने का प्रयास तेज हो गया है।

बीजापुर- गंगालूर तहसीलदार भोज कुमार डहेरिया स्वयं राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे, कर्मचारियों के साथ मिलकर ह्यूम पाइप में फंसे कचरे और मलबे को हटाने में हाथ बंटाया। @DistrictBijapur #Chhattisgarh #Tehsildar pic.twitter.com/czYJaz39yA

— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) July 30, 2026

100 से अधिक गांवों का संपर्क रहा प्रभावित
चेरपाल रपटा पर बाढ़ का पानी चढ़ने से बीजापुर-गंगालूर मार्ग पिछले दो दिनों से पूरी तरह बाधित रहा। इसके चलते 100 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। परिवहन बंद होने से ग्रामीणों के साथ-साथ किसानों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

जलस्तर घटने के साथ बहाली का काम तेज
प्रशासन की ओर से लगातार राहत और सफाई कार्य जारी है। जलस्तर कम होने के बाद रपटा को जल्द पूरी तरह चालू कराने की कोशिश की जा रही है। ताकि आम लोगों की आवाजाही फिर से सुचारु हो सके। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरुरत पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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