डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के नाम से फर्जी कॉल कर अफसरों को धमकाने के आरोपी अजमेर के नर्सिंग ऑफिसर को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। जेएलएन अस्पताल में अजमेर के आदर्श नगर निवासी नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र पारीक का मुख्यालय अब जैसलमेर रहेगा।
.
बता दें कि डिप्टी सीएम के ओएसडी ने 25 जून को हेल्थ डिपार्टमेंट के प्रमुख शासन सचिव को विभागीय कार्रवाई और कोतवाली थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायत दी थी।

कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है।
नर्सिंग कर्मी के खिलाफ दर्ज कराया था मामला
उप-मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के OSD भगवत सिंह राठौड़ ने 25 जून को शिकायत भेजकर आरोपी नर्सिंग कर्मी पुष्पेंद्र पारीक के खिलाफ कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया कि नर्सिंग कर्मचारी पुष्पेंद्र पारीक ने अपने मोबाइल फोन की कॉलर आईडी (जैसे ट्रूकॉलर) पर अपना नाम इस तरह सेट कर लिया था कि फोन करने पर उसका मोबाइल नंबर उप-मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के नाम से दिखे।
शिकायत के अनुसार- आरोपी पुष्पेंद्र ने खुद को उप-मुख्यमंत्री बताते हुए चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय के विशिष्ट सहायक बलवंत लिगरी को फोन किया था। उसने फोन पर निर्देश दिया कि कर्मचारी पुष्पेंद्र पारीक का तत्काल प्रभाव से जवाहर लाल नेहरू (JLN) चिकित्सालय अजमेर में ट्रांसफर किया जाए। इसके बाद पुष्पेंद्र ने जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल अजमेर के अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे को भी फोन किया। वहां भी पुष्पेंद्र ने खुद को उपमुख्यमंत्री बताते हुए पुष्पेंद्र पारीक को मनचाहा कार्य आवंटित करने के लिए प्रभावित करने का प्रयास किया।
शिकायत में बताया- आरोपी न तो उप मुख्यमंत्री है और न ही उसे उप मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किसी भी प्रकार का निर्देश जारी करने का कोई अधिकार है। इसके बावजूद पुष्पेंद्र ने जानबूझकर और दुर्भावनापूर्वक खुद को उप मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत किया।

विभाग ने आदेश जारी किया है।
आरोपी नर्सिंग ऑफिसर ने FIR के बारे में नहीं बताया, ड्यूटी ज्वॉइन की
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक राकेश कुमार शर्मा ने आदेश जारी किया। इसमें बताया- नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र पारीक ने खुद को संवैधानिक पद पर बताते हुए इसका दुरुपयोग किया। इसके बाद कार्मिक ने 20 जून को जेएलएन अस्पताल अजमेर में ट्रांसफर पर कार्यग्रहण कर लिया। इसके बाद 21 जून से बिना पूर्व स्वीकृति के स्वैच्छापूर्वक ऑफिस से अनुपस्थित रहा। इस दौरान कार्मिक के खिलाफ संवैधानिक पदनाम का दुरुपयोग करने के मामले में पुलिस थाना कोतवाली अजमेर में एफआईआर दर्ज की गई। कार्मिक ने अनुपस्थिति के बाद 18 जुलाई को कार्यग्रहण करते समय भी विभाग को उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबध में सूचना नहीं दी। कार्मिक के तथ्य छिपाने के मामले में विभागीय जांच प्रभावित न हो। इसे देखते सेवा से निलंबित किया गया।
जून में डिप्टी सीएम के OSD ने की थी शिकायत

विभागीय जांच के लिए डिप्टी सीएम के ओएसडी ने लिखा था पत्र।
---
ये खबरें भी पढ़िए…
पुलिस ने नर्सिंग ऑफिसर को जारी किया नोटिस:डिप्टी सीएम के नाम से अफसरों को धमकाने का मामला, विभागीय जांच शुरू नहीं
डिप्टी-सीएम बैरवा के नाम से कॉल कर अफसर को धमकाया:दो बार खुद का ट्रांसफर करवाया, सरकारी अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर का कारनामा
डिप्टी-सीएम बनकर ट्रांसफर कराने वाले नर्सिंग ऑफिसर पर FIR:ओएसडी की शिकायत पर कार्रवाई, आरोपी ने मनचाही जगह पर ली थी पोस्टिंग