शेख हसीना से करीबी ने डुबोया करियर, क्रिकेटर शाकिब अल हसन के घर पर क्यों हुआ बांग्लादेश में पेट्रोल बम से हमला, जानें बवाल की पूरी कहानी

Published on 6 अग॰ 2026

एक समय पूरा बांग्लादेश जिन शाकिब अल हसन को अपना सबसे बड़ा क्रिकेट हीरो मानता था, आज वही खिलाड़ी अपने ही देश में भारी विरोध का सामना कर रहा है. अब इस नेशनल हीरो के ख‍िलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. 

कभी क्रिकेट के मैदान पर बांग्लादेश को जीत द‍िलाने वाला यह ऑलराउंडर अब पॉल‍िट‍िक्स की वजह से सुर्खियों में है. हालात ऐसे बन गए कि उनके घर पर पेट्रोल बम से हमला कर आग लगा दी गई. सवाल उठता है कि आखिर शेख हसीना और शाकिब अल हसन के बीच ऐसा क्या था, जिसने इस दिग्गज क्रिकेटर की छवि पूरी तरह बदल दी? आइए समझते हैं. 

Torching residences : the cost of attending Awami League press conference
Neo fascism engulfs Bangladesh

A grisly petrol bomb attack took place at the residence of Bangladesh’s celebrated cricket icon Sakib Al hasan, hours after the world famous star cricketer appeared at a… pic.twitter.com/Uqmwwih3XG

— Bangladesh Awami League (@albd1971) August 5, 2026

अगस्त 2024 से शुरू हुई कहानी का नया अध्याय
अगस्त 2024 में बांग्लादेश छात्र आंदोलन, हिंसा और राजनीतिक उथल-पुथल से गुजर रहा था. सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भारत आना पड़ा. संसद भंग हो गई और अवामी लीग की सरकार सत्ता से बाहर हो गई.

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करीब दो साल बाद 5 अगस्त 2026 को शेख हसीना पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आईं. उन्होंने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसी कार्यक्रम में पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन भी ऑनलाइन मौजूद थे. जैसे ही यह खबर फैली, बांग्लादेश में गुस्साए लोगों ने उनके घर को निशाना बना लिया और पेट्रोल बम से हमला कर आग लगा दी. बांग्लादेश में वर्तमान में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार है, प्रधानमंत्री तार‍िक रहमान हैं. 

शेख हसीना के वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब-अल-हसन
शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब अल हसन

क्रिकेट से शुरू हुआ रिश्ता
शाकिब और शेख हसीना के बीच कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं था. शुरुआत में यह रिश्ता एक प्रधानमंत्री और देश के सबसे बड़े क्रिकेट स्टार के बीच रेस्पेक्ट और सपोर्ट  का था.

2006 में इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद शाकिब तेजी से बांग्लादेश के सबसे बड़े क्रिकेटर बन गए. शेख हसीना खुद क्रिकेट की बड़ी सपोर्टर मानी जाती थीं. नेशनल टीम की सफलता पर वह खिलाड़ियों से मिलती थीं और शाकिब को विशेष महत्व देती थीं.

2019 में जब आईसीसी ने भ्रष्टाचार निरोधक नियमों के उल्लंघन पर शाकिब पर बैन लगाया था, तब भी हसीना ने सार्वजनिक रूप से उनका सपोर्ट किया था.

जब शाक‍िब ने हसीना की पार्टी ज्वाइन की 
साल 2023 में शाकिब ने आधिकारिक तौर पर शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का दामन थाम लिया. पार्टी ने उन्हें उनके गृह जिले मागुरा-1 सीट से उम्मीदवार बनाया. जनवरी 2024 के आम चुनाव में शाकिब भारी मतों से जीतकर सांसद बने. हालांकि विपक्ष ने इस चुनाव को निष्पक्ष नहीं माना और धांधली के आरोप लगाए. यहीं से शाकिब की पहचान केवल क्रिकेटर की नहीं रही, बल्कि वह सत्ताधारी दल के प्रमुख चेहरों में भी शामिल हो गए.

हसीना के साथ नजदीकियां पड़ गईं भारी
अवामी लीग सरकार के दौरान शाकिब अक्सर शेख हसीना के साथ तस्वीरें साझा करते रहे. चुनाव प्रचार में भी दोनों कई मंचों पर साथ दिखाई दिए. हसीना ने चुनाव प्रचार के दौरान क्रिकेट की भाषा में शाकिब से कहा था कि चुनाव में भी 'छक्का' लगाना है.

सरकार गिरने के बाद भी शाकिब ने हसीना के साथ सार्वजनिक जुड़ाव पूरी तरह खत्म नहीं किया. यही बात धीरे-धीरे उनके खिलाफ जाती रही.

सरकार बदली और बदल गई तस्वीर
5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश की राजनीति पूरी तरह बदल गई. छात्र आंदोलन के बाद बनी अंतरिम सरकार के दौर में अवामी लीग से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई शुरू हुई.

शाकिब उस समय विदेश में थे और बाद में अमेरिका में रहने लगे. जनता का एक बड़ा वर्ग उन्हें अवामी लीग का सपोर्टर मानने लगा. आंदोलन के दौरान उनकी चुप्पी को लेकर भी आलोचना हुई.

कई मामलों में जांच
सरकार बदलने के बाद शाकिब के खिलाफ कई कानूनी जांच शुरू हुईं. बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ACC) ने शाकिब, उनकी मां शिरीन अख्तर और अन्य लोगों के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी, शेयर बाजार में कथित हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच शुरू की.

उन पर चेक धोखाधड़ी के आरोप भी लगे. इसके अलावा छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े एक हत्या के मामले में भी उनका नाम सामने आया, हालांकि इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया गया.

महान क्रिकेट करियर पर लगा विराम
1987 में मागुरा जिले में जन्मे शाकिब ने 2006 में बांग्लादेश के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना शुरू किया. करीब दो दशक लंबे करियर में उन्होंने 447 इंटरनेशनल मुकाबलों (71 टेस्ट + 247 वनडे+ 129 टी20 इंटरनेशनल) में 14,730 रन (4609 टेस्ट + 7570 वनडे+ 2551 टी20 = 14,730) बनाए और 712 (246 टेस्ट + 317 वनडे + 149टी20) विकेट लिए. उन्हें बांग्लादेश के इतिहास का सबसे महान ऑलराउंडर माना जाता है.

शाक‍िब ने द‍िसंबर 2025 में अपने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल  क्रिकेट से संन्यास के फैसले से यूटर्न लेते हुए कहा था कि वे आधिकारिक तौर पर सभी प्रारूपों से रिटायर नहीं हुए हैं और बांग्लादेश में एक पूरी घरेलू सीरीज खेलकर विदाई लेना चाहते हैं

क्रिकेट के साथ-साथ उन्होंने सोने के कारोबार समेत कई अन्य व्यवसाय भी शुरू किए, लेकिन राजनीति में कदम रखने का फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ.

हसीना को जन्मदिन की बधाई भी बनी विवाद
2025 में शाकिब ने सोशल मीडिया पर शेख हसीना को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके साथ फोटो शेयर की थी. इसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई. अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने यहां तक कह दिया कि शाकिब अब दोबारा बांग्लादेश की जर्सी नहीं पहन पाएंगे.

हालांकि शाकिब का कहना था कि उनका रिश्ता केवल पुराने परिचय और सम्मान का था, लेकिन राजनीतिक माहौल में इस दलील को ज्यादा स्वीकार नहीं किया गया.

39 साल के शाकिब ज्यादातर समय अमेरिका में रह रहे हैं और दुनिया की विभिन्न टी20 लीगों में खेलते हैं. उन्होंने कई बार बांग्लादेश लौटने और अपने घरेलू मैदान पर र‍िटायरमेंट लेने की इच्छा जताई है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी वापसी बेहद मुश्किल मानी जा रही है.

दूसरी ओर शेख हसीना ने घोषणा की है कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी, चाहे उन्हें गिरफ्तार किया जाए या मौत की सजा का सामना करना पड़े. 2025 में एक विशेष न्यायाधिकरण ने छात्र आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में उन्हें गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है.

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