रेप केस में सजा पाने के बाद तरुण तेजपाल ने क्यों लिया उमर खालिद और शरजील इमाम का नाम?

Published on 6 अग॰ 2026

रेप केस में सजा पाने के बाद तरुण तेजपाल ने क्यों लिया उमर खालिद और शरजील इमाम का नाम?

तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को तहलका मैगजीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को रेप केस में दोषी ठहराया और 10 साल की जेल की सजा सुनाई. कोर्ट ने उन्हें दो हफ्ते के अंदर सरेंडर करने को कहा है. इससे पहले मई 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट ने सबूतों की कमी के कारण तेजपाल को बरी कर दिया था. तहलका की एक महिला पत्रकार ने साल 2013 में तेजपाल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.

कोर्ट के फैसले पर तरुण तेजपाल ने कहा, हम निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. वे राजनीतिक प्रतिशोध और तहलका द्वारा किए गए काम के कारण मेरे पीछे हैं. हमने ट्रायल कोर्ट में 7.5 साल तक केस लड़ा और बरी हो गए. उनके साथ वाले लोग बरी हो गए हैं, लेकिन वे उन लोगों के पीछे हैं जिन्होंने उनके खिलाफ लिखा था. उमर खालिद, शरजील इमाम पिछले कई सालों से जेल में हैं.

तेजपाल ने आगे कहा कि तहलका की रिपोर्ट के कारण हो सकता है कि कुछ राजनीतिक क्षति या उनके निहित स्वार्थों को नुकसान पहुंचाया. वे पिछले 13 साल से बदले की भावना से मेरे पीछे पड़े हैं. मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है.

कोर्ट ने इन धाराओं के तहत दोषी पाया

तरुण तेजपाल पर आरोप हैं कि उन्होंने एक महिला के साथ बलात्कार किया जबकि वे उसके संरक्षक या विश्वास की स्थिति में थे. यौन उत्पीड़न किया और उसे कपड़े उतारने के इरादे से बल प्रयोग किया. अदालत ने तेजपाल को BNS की धारा 376(2)(F), धारा 354(A) और धारा 354(B) के तहत दोषी करार दिया है. धारा 376 के तहत तेजपाल को कम से कम 10 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है.

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कोर्ट में तेजपाल ने और क्या कहा?

कोर्ट में तेजपाल ने कहा कि वे 62 साल के हैं, उनकी दो बेटियाँ और पत्नी हैं. उन्होंने खुद को राजनीतिक बदले की कार्रवाई का शिकार बताया और अदालत से नरमी बरतने की गुजारिश की. उनके वकीलों ने भी यही सलाह दी थी. उनके वकील ने न्यूनतम सजा देने और दोषसिद्धि पर कम से कम 10 हफ्ते की रोक लगाने की मांग की, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का समय मिल सके.

यह मामला नवंबर 2013 का है

दरअसल, यह मामला नवंबर 2013 का है. गोवा में ‘थिंकफेस्ट’ कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तेजपाल की एक पूर्व जूनियर महिला सहकर्मी के साथ कथित यौन उत्पीड़न और बलात्कार का आरोप लगा था. पहले निचली अदालत ने 2021 में तेजपाल को बरी कर दिया था. उसके बाद गोवा सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की थी.

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह का नाम देश के चुनिंदा क्राइम रिपोर्टर में आता है. लंबे समय से टीवी जर्नलिस्ट के तौर पर सेवाएं जारीं. करीब तीन दशकों से सक्रिय पत्रकारिता का हिस्सा. प्रोड्यूसर, एंकर और क्राइम रिपोर्टर की भूमिका. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में मुंबई से कार्यरत. इसके पहले 2012 से 2022 तक मुंबई में इंडिया टीवी के ब्यूरो चीफ रहे. 2005 से 2012 तक नेटवर्क18 ग्रुप के आईबीएन7 चैनल में डिप्टी ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली. 2004 से 2005 तक सहारा समय मुंबई में बतौर सीनियर स्पेशल कॉरस्पॉन्डेंट काम किया. 2002 से 2004 तक मुंबई ब्यूरो में बीएजी फिल्म्स के चीफ रहे. नवभारत टाइम्स मुंबई में 1997 में जॉइन किया और यहां 2 साल काम किया. इससे पहले भी चार संस्थानों में काम किया.

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