म्यांमार से लेकर नेपाल तक... भारत की कितनी सीमाएं अभी भी विवादित हैं?

Published on 6 अग॰ 2026

म्यांमार से लेकर नेपाल तक... भारत की कितनी सीमाएं अभी भी विवादित हैं?

भारत की सीमा पर कहां-कहां विवाद? (Nitin Kanotra/HT via Getty Images)

भारत की सीमाएं सिर्फ सुरक्षा का सवाल नहीं हैं, बल्कि कूटनीति, इतिहास और पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों का भी अहम हिस्सा हैं. हाल ही में केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि नेपाल और म्यांमार के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए दोनों देशों के साथ बातचीत जारी है. इसके साथ ही यह भी सामने आया कि नेपाल के साथ करीब 60 किलोमीटर, म्यांमार के साथ 171 किलोमीटर और बांग्लादेश के साथ 6.5 किलोमीटर सीमा अब भी विवादित है.

दूसरी ओर, भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं. यही वजह है कि सीमा विवाद आज भी भारत की सबसे बड़ी रणनीतिक और विदेश नीति की चुनौतियों में गिना जाता है. भारत की कुल स्थलीय सीमा लगभग 15,106 किलोमीटर है, जो पाकिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार और अफगानिस्तान (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के जरिए दावा) से जुड़ती है.

भारत की सीमा कितनी देशों से मिलती है?

भारत की सीमा कुल 7 देशों से मिलती है- जिनमें बांग्लादेश, पाकिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और अफगानिस्तान का नाम शामिल है. इन देशों के साथ भारत की सीमा अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगती है. इनमें बांग्लादेश के साथ भारत की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जबकि अफगानिस्तान के साथ सबसे छोटी सीमा बताई गई है.

भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा 7 देशों से लगती है-

  • बांग्लादेश -पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम से सीमा लगती है.
  • पाकिस्तान -गुजरात, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से सीमा लगती है.
  • चीन -लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से सीमा लगती है.
  • नेपाल -उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम से सीमा लगती है.
  • भूटान -सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश से सीमा लगती है.
  • म्यांमार -अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम से सीमा लगती है.
  • अफगानिस्तान -लद्दाख से सीमा लगती है.

India International Border

भारत की सीमा कितने देशों से मिलती है? (Getty Image)

विवादित सीमाएं कौन-कौन सी हैं?

इनमें से सभी सीमाएं विवादित नहीं हैं, लेकिन चीन, नेपाल, म्यांमार, पाकिस्तान और कुछ हिस्सों में बांग्लादेश के साथ अलग-अलग तरह के सीमा विवाद रहे हैं. कुछ विवाद जमीन के सीमांकन से जुड़े हैं, तो कुछ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) या नियंत्रण रेखा (LoC) की अलग-अलग व्याख्या के कारण हैं. सीमा विवाद का असर सिर्फ सुरक्षा पर नहीं, बल्कि व्यापार, स्थानीय लोगों की आवाजाही और दोनों देशों के संबंधों पर भी पड़ता है. इसलिए भारत लगातार बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से इन मुद्दों का समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है.

चीन के साथ सबसे बड़ा सीमा विवाद

भारत के सबसे महत्वपूर्ण और लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवादों में चीन के साथ विवाद प्रमुख है. सरकारी दस्तावेज के अनुसार भारत-चीन सीमा करीब 3,488 किलोमीटर लंबी है और यह जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से होकर गुजरती है. यह सीमा पूरी तरह तय नहीं है और दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की अलग-अलग समझ है. इसी कारण समय-समय पर तनाव की स्थिति बनती रहती है. सीमा की सुरक्षा के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) तैनात है और सीमा क्षेत्रों में सड़क व बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है.

नेपाल के साथ 60 किमी सीमा विवाद

भारत और नेपाल के संबंध काफी पुराने और करीबी हैं, लेकिन कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा क्षेत्र को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं. सरकार के अनुसार करीब 60 किलोमीटर सीमा विवादित मानी जाती है. दोनों देश इस मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि लोगों की आवाजाही और व्यापार सामान्य रूप से जारी है.

म्यांमार के साथ 171 किमी सीमा पर मतभेद

म्यांमार के साथ भारत की लंबी सीमा है, लेकिन सरकार के अनुसार करीब 171 किलोमीटर हिस्सा अब भी विवादित है. पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ी इस सीमा पर सुरक्षा और सीमांकन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दे हैं. दोनों देशों के बीच संयुक्त सर्वे और बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश जारी है.

भारत के प्रमुख सीमा विवाद-

  • चीन: 3,488 किमी लंबी LAC पूरी तरह तय नहीं, कई क्षेत्रों में अलग-अलग दावे.
  • नेपाल: करीब 60 किमी सीमा कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा क्षेत्र को लेकर विवाद.
  • म्यांमार: करीब 171 किमी सीमा के सीमांकन को लेकर मतभेद, बातचीत जारी.
  • बांग्लादेश: लगभग 6.5 किमी सीमा पर कुछ हिस्सों में विवाद, समाधान की प्रक्रिया जारी.
  • पाकिस्तान: जम्मू-कश्मीर और नियंत्रण रेखा (LoC) को लेकर लंबे समय से विवाद.

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भारत के पड़ोसी देश के साथ सीमा विवाद (Getty Image)

बांग्लादेश के साथ कितना विवाद बाकी?

भारत और बांग्लादेश ने 2015 में भूमि सीमा समझौते (Land Boundary Agreement) के जरिए ज्यादातर पुराने विवाद खत्म कर दिए थे. इसके बावजूद सरकार के मुताबिक करीब 6.5 किलोमीटर सीमा पर कुछ विवाद अब भी बाकी हैं. दोनों देश बातचीत के माध्यम से इन मामलों को सुलझाने की दिशा में काम कर रहे हैं. बांग्लादेश-भारत के 4000 किमी से ज्यादा लंबे बॉर्डर में से 6.5 किमी का सीमांकन अभी बाकी है. इसमें से 1.5 किमी पंचगढ़ जिले के दैखाता में, 2 किमी फेनी जिले के मुहुरी नदी के पास के इलाकों में और 3 किमी फेनी जिले में है.

पाकिस्तान के साथ सीमा क्यों अलग है?

भारत-पाकिस्तान का सीमा विवाद सिर्फ सीमा तय करने तक सीमित नहीं है. इसकी मुख्य वजह जम्मू-कश्मीर को लेकर दोनों देशों के बीच पुराना विवाद है. 1972 के शिमला समझौते में जम्मू-कश्मीर में युद्धविराम के बाद बनी लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) का सम्मान करने पर दोनों देशों ने सहमति जताई थी. अंतरराष्ट्रीय सीमा और LoC की स्थिति अलग-अलग है और समय-समय पर तनाव की घटनाएं सामने आती रहती हैं. भारत-पाकिस्तान की 3,323 किमी लंबी सीमा गुजरात, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से लगती है. इस सीमा पर सुरक्षा के लिए BSF, बॉर्डर फेंसिंग, सड़कें, फ्लडलाइट और निगरानी व्यवस्था जैसी कई व्यवस्थाएं हैं.

अंकिता

अंकिता

शिव की नगरी काशी से अपने करियर की शुरुआत करने वाली अंकिता पाण्डेय ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री पूरी की है.  पत्रकारिता में आने के लिए उन्होंने बनारस के लोकल न्यूज पेपर "काशीवार्ता" से अपनी शुरुआत की, बाद में दिल्ली जैसे महानगरी का रुख करते हुए उन्होंने TV9 भारतवर्ष में अक्टूबर साल 2023 से जुड़ी. आज वह इस ऑर्गनाइजेशन में बतौर सब-एडिटर काम कर रही हैं. क्राइम, एंटरटेनमेंट और अन्य सभी को न्यूज के साथ विजुअल तरीके से पेश करने में रुचि है. पत्रकारिता के अलावा कविताएं लिखना, फोटोग्राफी करना और म्यूजिक का भी शौक रखती हैं.

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