दलित मुस्लिमों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग: लखीमपुर-खीरी में पीस पार्टी ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा - Lakhimpur-Kheri News

Published on 11 अग॰ 2026
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दलित मुस्लिमों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग:लखीमपुर-खीरी में पीस पार्टी ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा

गोपाल गिरि | लखीमपुर-खीरी25 मिनट पहले

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लखीमपुर खीरी में पीस पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दलित मुस्लिम समुदाय को अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा देने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है।

ज्ञापन में बताया गया है कि संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के पैरा-3 में धर्म आधारित प्रतिबंध के कारण दलित मुस्लिम समुदाय अनुसूचित जाति से जुड़े संवैधानिक अधिकारों और लाभों से वंचित है। पार्टी ने इस प्रतिबंध को समाप्त करने के लिए आवश्यक संवैधानिक संशोधन या उचित कार्रवाई की मांग की है।

पीस पार्टी ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि स्वतंत्रता से पहले अनुसूचित जातियों के संबंध में धर्म आधारित कोई प्रतिबंध नहीं था। हालांकि, 1950 में अनुसूचित जाति का दर्जा केवल हिंदू धर्म के लोगों तक सीमित कर दिया गया था। बाद में, 1956 में सिख और 1990 में बौद्ध धर्म के समान सामाजिक पृष्ठभूमि वाले समुदायों को भी अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल किया गया।

पार्टी पदाधिकारियों ने सच्चर समिति और न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्टों का भी हवाला दिया। इन रिपोर्टों में मुस्लिम समुदाय के सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई थी। न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र आयोग ने विशेष रूप से दलित मुसलमानों और दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की अनुशंसा की थी।

ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से आग्रह किया गया है कि वे संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के पैरा-3 में आवश्यक संशोधन करें। इसका उद्देश्य धर्म आधारित प्रतिबंध को समाप्त करना और पात्र दलित मुस्लिम समुदाय को अनुसूचित जाति का दर्जा तथा उससे जुड़े संवैधानिक लाभ प्रदान करना है।

ज्ञापन सौंपने वालों में पीस पार्टी के जिला अध्यक्ष अशरफ अली अंसारी एडवोकेट, जिला प्रभारी शकील अहमद, बिलाल, समामुद्दीन, निजामुद्दीन, आदिल हुसैन, बरकत अली अंसारी, उस्मान मोहम्मद और मुमताज अली सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

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