भारत में सर्वाधिक विदेशी छात्र नेपाल से, कर्नाटक सबसे पसंदीदा राज्य: शिक्षा मंत्रालय

Published on 12 जुल॰ 2026

नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) भारत में पढ़ाई करने के लिए आने वाले विदेशी छात्रों में सबसे अधिक संख्या नेपाल के विद्यार्थियों की है और कर्नाटक विदेशी छात्रों का सबसे पसंदीदा राज्य है। शिक्षा मंत्रालय के एक सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई है।

वर्ष 2023-24 के लिए अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) के अनुसार, इस शैक्षणिक वर्ष में भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में 173 देशों के छात्रों ने पढ़ाई की। देश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कुल 58,134 विदेशी छात्रों ने दाखिला लिया था।

अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण के तहत देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों से वेब आधारित ‘डेटा कैप्चर फॉर्मेट’ (डीसीएफ) के जरिये विस्तृत जानकारी एकत्र की जाती है। संस्थान छात्रों के नामांकन, शिक्षकों एवं कर्मचारियों, बुनियादी ढांचे और परीक्षा परिणामों समेत अन्य विवरण सर्वेक्षण के पोर्टल पर अपलोड करते हैं।

यह सर्वेक्षण भारत में उच्च शिक्षा से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों का प्रमुख स्रोत है और इससे इस क्षेत्र में नीतियां बनाने, योजनाएं तैयार करने तथा उनकी निगरानी करने में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।

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वर्ष 2023-24 में विदेशी छात्रों में सबसे अधिक 24.1 प्रतिशत छात्र नेपाल से थे। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात से सात प्रतिशत, अमेरिका से 5.9 प्रतिशत, बांग्लादेश से 5.9 प्रतिशत, नाइजीरिया से 5.5 प्रतिशत और जिम्बाब्वे से चार प्रतिशत छात्र भारत आए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक विदेशी छात्रों के लिए सबसे पसंदीदा राज्य रहा, जहां उच्च शिक्षण संस्थानों में 7,914 विदेशी छात्रों ने दाखिला लिया। इसके बाद पंजाब का स्थान रहा जहां 7,902 विदेशी छात्रों ने पढ़ाई की। महाराष्ट्र में 6,190, उत्तर प्रदेश में 5,953 और तमिलनाडु में 5,694 विदेशी छात्रों ने पढ़ाई की।

विदेशी छात्रों में सबसे अधिक 73.6 प्रतिशत ने स्नातक पाठ्यक्रमों जबकि 16.8 प्रतिशत छात्रों ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया।

कुल 42,779 विदेशी विद्यार्थियों ने स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया। इनमें 27,849 छात्र और 14,930 छात्राएं थीं।

इसके अलावा, 9,845 छात्रों ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया और अपेक्षाकृत कम संख्या में विदेशी छात्रों ने डिप्लोमा, पीएचडी, प्रमाणपत्र और एकीकृत पाठ्यक्रमों की पढ़ाई की।

भारत में विदेशी छात्रों की संख्या 2019-20 के 48,898 से बढ़कर 2023-24 में 58,134 हो गई। पांच वर्षों में इसमें 9,236 यानी 18.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

इस दौरान छात्र और छात्राओं दोनों की संख्या बढ़ी। छात्रों की संख्या 32,386 से बढ़कर 37,295 हो गई, जबकि छात्राओं की संख्या 16,512 से बढ़कर 20,839 हो गई।

शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में लेबनान, बुर्किना फासो, मंगोलिया, मेक्सिको, कजाखस्तान, बेलारूस और चिली समेत कई अन्य देशों के छात्र भी भारत में पढ़ाई करने आए।

शिक्षा मंत्रालय ने विदेशी छात्रों को भारत में उच्च शिक्षा के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से 2018 में ‘स्टडी इन इंडिया’ कार्यक्रम शुरू किया था।

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन