अब अडानी डिफेंस भी बनाएगा 'प्रचंड' हेलिकॉप्टर की बॉडी, रक्षा उत्पादन में आएगी तेजी

Published on 14 अग॰ 2026

भारत की डिफेंस फोर्स और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है. अब देश के सबसे खतरनाक और घातक कॉम्बैट हेलिकॉप्टर 'प्रचंड' का निर्माण केवल सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) अकेले नहीं करेगी.

प्रोडक्शन प्रोसेस को तेज करने और बड़े पैमाने पर हेलिकॉप्टर तैयार करने के लिए इस मुहिम में अडानी डिफेंस और BEML को भी शामिल कर लिया गया है.

इस नई पार्टनरशिप के तहत अब निजी क्षेत्र और अन्य सरकारी कंपनियों की मदद से भारत में 'प्रचंड' हेलिकॉप्टरों का उत्पादन न सिर्फ तेजी से होगा, बल्कि इनकी संख्या भी बड़े पैमाने पर बढ़ाई जा सकेगी.

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दरअसल, हाल ही में HAL ने भारतीय उद्योग जगत की दो बड़ी कंपनियों अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के साथ एक अहम समझौता किया है. इस समझौते के तहत BEML कंपनी प्रचंड हेलिकॉप्टर के लिए 48 फ्यूजलेज (हेलिकॉप्टर की मुख्य बॉडी/ढांचा) का निर्माण करेगी. वहीं, अडानी डिफेंस की ओर से 42 फ्यूजलेज तैयार किए जाएंगे.

HAL के हेलिकॉप्टर डिवीजन के जनरल मैनेजर तुषार रंजन बेहरा ने BEML के कार्यकारी निदेशक (एयरोस्पेस एंड मैरीटाइम) कमोडोर (रिटायर्ड) आर.जी.के. राव और अडानी डिफेंस के उपाध्यक्ष प्रसन्ना कार्तिक के साथ इन समझौतों पर साइन किए. इस दौरान तीनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

HAL has entered into partnerships with the Indian industry— Adani Defence Systems and Technologies Limited and Bharat Earth Movers Limited (BEML)—for manufacturing fuselage structures for the Prachand Light Combat Helicopter (LCH), further expanding India’s indigenous helicopter… pic.twitter.com/wkpHqSdtPe

— HAL (@HALHQBLR) August 14, 2026

निजी क्षेत्र की पहली बार ऐतिहासिक एंट्री

इस साझेदारी को भारतीय रक्षा इतिहास में बेहद खास माना जा रहा है. HAL के सीएमडी रवि के. ने इस बारे में बात करते हुए कहा, 'यह पार्टनरशिफ भारत के एयरोस्पेस इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. इतिहास में पहली बार, हेलिकॉप्टर के मुख्य ढांचे (फ्यूजलेज) के निर्माण में प्राइवेट सेक्टर को जोड़ा गया है. इससे हमारी उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ेगी, घरेलू सप्लाई चेन मजबूत होगी और देश के अंदर ही एयरोस्पेस निर्माण की क्षमता को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा.'

भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत को और धार देने के लिए कर्नाटक के तुमकुरु में स्थित HAL की नई और अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर निर्माण फैसिलिटी में पहले ही 156 'प्रचंड' लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टरों (LCH) के ऑर्डर पर काम शुरू हो चुका है.

अब क्योंकि अडानी डिफेंस और BEML के रूप में दो अतिरिक्त प्रोडक्शन लाइनें और जुड़ गई हैं, इसलिए 'प्रचंड' प्रोजेक्ट की पूरी निर्माण क्षमता में भारी उछाल आएगा. इससे सेना को समय पर हेलिकॉप्टरों की डिलीवरी सुनिश्चित करने में बहुत मदद मिलेगी.

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रक्षा निर्माण के इस विस्तार से देश के छोटे उद्योगों, स्थानीय कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियों और एयरोस्पेस सप्लायर्स के लिए भी विकास के नए द्वार खुलेंगे. जब देश में बड़े स्तर पर रक्षा उपकरणों का प्रोडक्शन होगा, तो इससे तकनीकी विशेषज्ञता बढ़ेगी और रोजगार के नए मौके पैदा होंगे, जो भारत को रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के सपने को तेजी से सच करेंगे.
 

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