तेलंगाना: सीएम के भाई से जुड़ी कंपनी को जमीन आवंटन मामले में बीआरएस ने लोकायुक्त से की शिकायत

Published on 14 अग॰ 2026

तेलंगाना: सीएम के भाई से जुड़ी कंपनी को जमीन आवंटन मामले में बीआरएस ने लोकायुक्त से की शिकायत

हैदराबाद, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार से जुड़ी एक कंपनी को पांच एकड़ जमीन का अवैध आवंटन किया गया है।

बीआरएस के जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकायुक्त के समक्ष औपचारिक शिकायत दाखिल की। शिकायत में कहा गया है कि रंगारेड्डी जिले में 135 करोड़ रुपए से 200 करोड़ रुपए बाजार मूल्य वाली पांच एकड़ की बहुमूल्य सरकारी जमीन को केवल 7 करोड़ रुपए में टेसरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को आवंटित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के परिवार के सदस्य शामिल हैं।

एमएलसी दासोजू श्रवण कुमार और मंकेना कोटिरेड्डी, विधायक कलेरू वेंकटेश, मुथा गोपाल और संजय कलवाकुंटला तथा बीआरएस के सोशल मीडिया संयोजक मन्ने कृषांक ने लोकायुक्त को स्वयं यह शिकायत सौंपी।

प्रतिनिधिमंडल ने कथित तौर पर ऐसे "सबूत" भी सौंपे, जिनमें दावा किया गया है कि यह कंपनी एक शेल कंपनी है, जिसके पास कोई कर्मचारी नहीं है, कंपनी का फोन नंबर भी फर्जी बताया गया है। इसके बावजूद उसे अत्यधिक मूल्यवान सरकारी जमीन आवंटित की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जांच पूरी होने तक रविर्याल में पांच एकड़ जमीन के आवंटन को रद्द किया जाए। साथ ही लोकायुक्त अधिनियम के तहत उद्योग मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू और टीजीआइआइसी अधिकारियों की भूमिका की व्यापक जांच कराई जाए।

शिकायत के अनुसार, मुख्यमंत्री के छोटे भाई कोंडल रेड्डी ने अपने सत्यापित लिंक्डइन प्रोफाइल में खुद को उद्योगपति बताया है और लिखा है कि वह टेसरैक्ट कंपनी के माध्यम से एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र की क्षमताओं का विकास कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच और अमेरिकी कांग्रेस स्टाफ प्रतिनिधिमंडल की गोलमेज बैठक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर टेसरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स के चेयरमैन के रूप में भाग लिया था।

बीआरएस नेताओं ने दावा किया कि कोंडल रेड्डी के बेटे नयन रेड्डी ने भी अपने सत्यापित प्रोफाइल में लिखा है कि वह जनवरी 2025 से टेसरैक्ट के पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। नेताओं का कहना है कि जमीन आवंटन से करीब पांच महीने पहले परिवार के दो सदस्यों ने कंपनी में चेयरमैन और सीईओ के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली थी।

लोकायुक्त को यह भी बताया गया कि कंपनी खुद को एयरोस्पेस, रक्षा क्षेत्र के सटीक निर्माण, फोर्जिंग और कास्टिंग से जुड़ा बताती है, लेकिन मौके पर की गई जांच में यह केवल एक छोटे गोदाम या दुकान जैसी इकाई निकली।

--आईएएनएस

एएमटी/डीएससी

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