आधुनिक चुनौतियों से निपटने की तैयारी तेज, पीएम मोदी ने दिया वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क बनाने पर जोर

Published on 15 अग॰ 2026

आधुनिक चुनौतियों से निपटने की तैयारी तेज, पीएम मोदी ने दिया वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क बनाने पर जोर

मुश्किल वक्त में नागरिकों की सुरक्षा के लिए तैयार होगा नया नेटवर्क

Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से कहा कि देश में सिविल डिफेंस के लिए लोगों की एक बड़ी और मजबूत टीम बनाई जाएगी. इसका काम मुश्किल समय में आम लोगों की मदद करना और उनकी सुरक्षा करना होगा.

आज के समय में देश के सामने कई तरह की नई चुनौतियां हैं. इनसे निपटने के लिए भारत को पहले से तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक बड़ा Civil Defence Volunteer Network बनाया जाएगा.इस टीम में आम लोग भी शामिल हो सकेंगे. उन्हें नए और आसान तरीकों से ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि किसी बड़े संकट के समय वे लोगों की मदद कर सकें.

Civil Defence क्या होता है?

Civil Defence का आसान मतलब है मुश्किल समय में आम लोगों की सुरक्षा करना. जैसे युद्ध, बड़ा हमला या कोई दूसरी बड़ी आपदा आने पर लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना, उनकी मदद करना और नुकसान को कम करना.भारत में Civil Defence से जुड़े नियम 1968 में बनाए गए थे. इनके तहत केंद्र और राज्य सरकारें संकट से पहले, संकट के दौरान और उसके बाद लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा सकती हैं.

PM Modi का नया ऐलान इसी व्यवस्था को और मजबूत करने से जुड़ा है. इसका मकसद है कि देश किसी भी बड़े संकट के लिए पहले से तैयार रहे और जरूरत पड़ने पर लोगों की मदद जल्दी की जा सके.

रक्षा के मामले में भी आत्मनिर्भर बनना चाहता है भारत

PM Modi ने अपने भाषण में रक्षा के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि भारत को दूसरे देशों से रक्षा सामान खरीदने वाला सिर्फ एक बाजार नहीं रहना चाहिए. भारत को खुद रक्षा उपकरण बनाने चाहिए और उन्हें दूसरे देशों को भी बेचने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने खास तौर पर हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने की बात कही.

देश में बढ़ रहा है डिफेंस प्रोडक्शन

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 1.78 लाख करोड़ रुपये का रक्षा सामान बनाया. साल 2014 में यह आंकड़ा करीब 46,000 करोड़ रुपये था. भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में दूसरे देशों को 38,424 करोड़ रुपये का रक्षा सामान भी बेचा.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को बताया कि पिछले एक साल में 8.75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सैन्य परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इन परियोजनाओं का मकसद सेना को नए हथियार, वाहन और दूसरी आधुनिक सुविधाएं देना है, ताकि देश की सुरक्षा और मजबूत हो सके.

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आयुषी चतुर्वेदी

आयुषी चतुर्वेदी

आयुषी चतुर्वेदी tv9hindi.com में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हैं. यहां बिजनेस ऑटोमोबाइल के अलावा टेक्नोलॉजी की खबरें कवर करती हैं. इससे पहले ET Now Swadesh Digital में Copy Editor थीं. इन्होंने अपना करियर जागरण न्यू मीडिया के साथ शुरू किया. Ayushi ने International School of Media & Entertainment Studies (ISOMES) से बैचलर ऑफ मॉस कम्युनिकेशन की डिग्री ली है. पिछले 3 साल से ये बिजनेस ऑटो टेक्नोलॉजी की खबरें कवर करती आ रही हैं. इन्हें सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाना काफी पंसद है. इन्होंने Auto, Tech में कई ऑनलाइन ऑफलाइन इवेंट भी कवर किए हैं. इन्हें ड्राइविंग और रिव्यू करना पसंद है. Ayushi को किताबें पढ़ने में रुचि हैं.

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