सॉफ्टवेयर स्लो, की-बोर्ड खराब... बॉम्बे हाईकोर्ट की टाइपिंग परीक्षा में अभ्यर्थियों का हंगामा

Published on 16 अग॰ 2026

सॉफ्टवेयर स्लो, की-बोर्ड खराब... बॉम्बे हाईकोर्ट की टाइपिंग परीक्षा में अभ्यर्थियों का हंगामा

बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा

बॉम्बे हाई कोर्ट (BHC) में क्लर्क भर्ती के लिए 16 अगस्त यानी आज हुए टाइपिंग टेस्ट के दौरान महाराष्ट्र के वाशिम, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़ और कल्याण के कई परीक्षा केंद्रों पर गंभीर तकनीकी गड़बड़ियां देखी गई. इन गड़बड़ियों के कारण अभ्यर्थियों ने केंद्रों पर जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया और हंगामा खड़ा कर दिया.

वाशिम में बॉम्बे हाईकोर्ट के क्लर्क पद की टाइपिंग परीक्षा के दौरान तकनीकी दिक्कतों को लेकर अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिली. परीक्षा के दौरान सॉफ्टवेयर स्लो होने, की-बोर्ड खराब होने और स्क्रीन का आकार छोटा होने के कारण अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा वेबसाइट धीमी थी और वे समय पर पेपर पूरा नहीं कर पाए. यह भी आरोप है कि ज़ूम इन और ज़ूम आउट की समस्याओं के कारण अभ्यर्थियों का समय बर्बाद हुआ.

शिकायत के बाद भी नहीं मिली सहायता

अभ्यर्थियों का दावा है कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी दिक्कतों के कारण कई छात्र असफल रहे. दिलचस्प बात यह है कि छात्रों का यह भी दावा है कि कुछ केंद्रों पर केवल एक ही छात्र उत्तीर्ण हुआ. अभ्यर्थियों का आरोप है कि इन तकनीकी समस्याओं के बारे में परीक्षा निरीक्षकों से शिकायत करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिली.

परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की मांग

पहले सत्र में 60 और दूसरे सत्र में भी 60 अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए उपस्थित थे. अभ्यर्थियों का आरोप है कि ऑनलाइन परीक्षा के लिए जरूरी सुविधाओं का भी अभाव था. तकनीकी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के फेल होने का दावा किया जा रहा है. अभ्यर्थियों ने मांग की है कि तकनीकी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए. इस पूरी घटना के संबंध में 76 अभ्यर्थियों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है.

परीक्षा केंद्र प्रबंधकों का टिप्पणी से इनकार

तकनीकी खामियों के कारण छात्रों को हुए शैक्षणिक नुकसान का आरोप गंभीर है. इसलिए, क्या संबंधित परीक्षा अधिकारी इन शिकायतों पर ध्यान देंगे और जांच करेंगे, और क्या छात्रों को पुनर्परीक्षा देने का मौका मिलेगा? यह अब सबका ध्यान आकर्षित कर रहा है. इस बीच, परीक्षा केंद्र प्रबंधकों ने आगे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि ये समस्याएं केंद्र स्तर पर नहीं बल्कि वरिष्ठ स्तर पर हुई हैं.

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह का नाम देश के चुनिंदा क्राइम रिपोर्टर में आता है. लंबे समय से टीवी जर्नलिस्ट के तौर पर सेवाएं जारीं. करीब तीन दशकों से सक्रिय पत्रकारिता का हिस्सा. प्रोड्यूसर, एंकर और क्राइम रिपोर्टर की भूमिका. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में मुंबई से कार्यरत. इसके पहले 2012 से 2022 तक मुंबई में इंडिया टीवी के ब्यूरो चीफ रहे. 2005 से 2012 तक नेटवर्क18 ग्रुप के आईबीएन7 चैनल में डिप्टी ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली. 2004 से 2005 तक सहारा समय मुंबई में बतौर सीनियर स्पेशल कॉरस्पॉन्डेंट काम किया. 2002 से 2004 तक मुंबई ब्यूरो में बीएजी फिल्म्स के चीफ रहे. नवभारत टाइम्स मुंबई में 1997 में जॉइन किया और यहां 2 साल काम किया. इससे पहले भी चार संस्थानों में काम किया.

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