डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ के साथ तनाव के बीच अमेरिकी आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल के साल के अंत तक पद छोड़ने की चर्चा है। उनके जाने से पहले से नेतृत्व संकट से जूझ रही अमेरिकी सेना पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, हेगसेथ की पत्नी जेनिफर की पेंटागन में बढ़ती भूमिका भी विवाद का विषय बनी हुई है। वह स्टाफ चयन, रणनीति, मीडिया प्रशिक्षण और सैन्य संचार से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रही हैं तथा संवेदनशील बैठकों में उनकी मौजूदगी पर सैन्य अधिकारियों और सांसदों ने सवाल उठाए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने ट्रंप प्रशासन के रक्षा प्रतिष्ठान में नेतृत्व, निर्णय लेने की प्रक्रिया और प्रभाव के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
ड्रिस्कॉल के जाने से सेना के शीर्ष नेतृत्व पर असर
ड्रिस्कॉल के पद छोड़ने की स्थिति में अमेरिकी सेना के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व का संकट और गहरा सकता है। सेना पहले से ही सीनेट से मंजूर स्थायी चीफ के बिना काम कर रही है। डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने अप्रैल में सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया था। हेगसेथ ने जॉर्ज को हटाने का कोई सार्वजनिक कारण नहीं बताया था और अब तक उनकी जगह किसी स्थायी अधिकारी को नामित भी नहीं किया गया है।
विज्ञापन
लानेव संभाल रहे हैं सेना प्रमुख की जिम्मेदारी
जनरल क्रिस्टोफर लानेव, जो सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ रह चुके हैं और पहले हेगसेथ के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार के तौर पर काम कर चुके हैं, फिलहाल कार्यवाहक सेना प्रमुख यानी एक्टिंग आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में अगर ड्रिस्कॉल भी पद छोड़ते हैं, तो सेना के शीर्ष नेतृत्व में एक और महत्वपूर्ण पद पर बदलाव होगा।
विज्ञापन
परिवार के साथ रहने की जगह भी बदली
रिपोर्ट के मुताबिक, आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल और उनका परिवार इस गर्मी में जॉइंट बेस मायर-हेंडरसन हॉल स्थित आधिकारिक पारिवारिक आवास से बाहर चले गए थे। उनका परिवार नॉर्थ कैरोलिना चला गया, जबकि ड्रिस्कॉल खुद सैन्य अड्डे के भीतर एक छोटे अपार्टमेंट में रहने लगे। यह घटनाक्रम हेगसेथ के साथ उनके बिगड़ते रिश्तों के बीच सामने आया है।
हेगसेथ से कब शुरू हुई अनबन?
पूर्व आर्मी रेंजर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पुराने दोस्त ड्रिस्कॉल ट्रंप प्रशासन के शुरुआती दिनों में ही हेगसेथ की नाराजगी का शिकार हो गए थे। तनाव उस समय बढ़ा, जब ड्रिस्कॉल ने वेंस और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए सैनिकों से मुलाकात और सेना में सुधार की योजनाओं पर चर्चा करने के उद्देश्य से एक दौरे का आयोजन करने की कोशिश की। हालांकि दोनों के बीच अनबन बनी रही, लेकिन आर्मी सेक्रेटरी के तौर पर अपने करीब 18 महीने के कार्यकाल में ड्रिस्कॉल ने जनरल रैंडी जॉर्ज के साथ मजबूत कामकाजी रिश्ता कायम किया।
नई तकनीक और भविष्य की जंग पर था जोर
ड्रिस्कॉल और जॉर्ज ने अमेरिकी सेना को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया। दोनों का मानना था कि भविष्य के युद्धों में वाणिज्यिक क्षेत्र से आने वाले नवाचार और तकनीक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ड्रिस्कॉल ने जॉर्ज और जनरल क्रिस डोनाह्यू के साथ यूक्रेन का दौरा भी किया था। उस समय डोनाह्यू यूरोप में अमेरिकी सेना के शीर्ष जनरल थे। इस यात्रा के दौरान ड्रिस्कॉल ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से शांति वार्ता को लेकर भी बातचीत की थी।
यूक्रेन से सबक लेने की सलाह
ड्रिस्कॉल ने अमेरिकी सेना से यूक्रेन के युद्ध से सबक लेने का आग्रह किया। खासतौर पर उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेनी सेना युद्ध के मैदान में बाजार में आसानी से उपलब्ध वाणिज्यिक तकनीक का किस तरह इस्तेमाल कर रही है। उनके कार्यकाल के दौरान निजी कंपनियों ने कई परियोजनाओं में 25 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। इन परियोजनाओं में डेटा सेंटर, महत्वपूर्ण खनिजों की रिफाइनरी और पूरे अमेरिका में सेना के ठिकानों पर डाइनिंग सुविधाओं का विकास शामिल था।
जॉर्ज की बर्खास्तगी से साझेदारी को लगा झटका
ड्रिस्कॉल और जॉर्ज की यह साझेदारी उस समय प्रभावित हुई, जब हेगसेथ ने अप्रैल में अचानक सेना प्रमुख को उनके पद से हटा दिया। हेगसेथ के इस फैसले की कांग्रेस में रिपब्लिकन नेताओं ने भी आलोचना की और कई नेताओं ने जॉर्ज के प्रति समर्थन जताया।
कांग्रेस में ड्रिस्कॉल ने जॉर्ज की तारीफ की
कांग्रेस की सुनवाई के दौरान जब ड्रिस्कॉल से जॉर्ज को हटाए जाने के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर हेगसेथ की आलोचना करने से परहेज किया। हालांकि, उन्होंने जॉर्ज के बारे में अपनी राय स्पष्ट कर दी। ड्रिस्कॉल ने सांसदों से कहा,'मैं भी जनरल जॉर्ज को बहुत पसंद करता हूं।' उन्होंने जॉर्ज को एक शानदार और बदलाव लाने वाले लीडर बताया।
ट्रंप ने सार्वजनिक मंच पर ड्रिस्कॉल की तारीफ की
अपने पद को लेकर अनिश्चितता के बावजूद, पिछले महीने पेंसिल्वेनिया में आयोजित एक डिफेंस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रिस्कॉल की सार्वजनिक रूप से तारीफ की। ट्रंप ने ड्रिस्कॉल के व्यक्तित्व और उनके लुक का जिक्र करते हुए कहा कि वह दिखने में जितने सीधे-सादे लगते हैं, असल में उससे कहीं ज्यादा सख्त हैं। ट्रंप ने कहा,'उनकी मुस्कान कितनी प्यारी है, लेकिन असल में वह एक किलर हैं। उस प्यारे, अच्छे चेहरे को देखिए। सब कुछ कितना खुशनुमा है। वह एक किलर हैं। क्या आप यकीन करेंगे? असल में, ऐसे ही लोग सबसे अच्छे होते हैं।'
पेंटागन में जेनिफर हेगसेथ का बढ़ता प्रभाव
इसी बीच, पेंटागन में डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ की पत्नी जेनिफर हेगसेथ की बढ़ती भूमिका भी चर्चा में है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली रक्षा मंत्रालयों में से एक पेंटागन में जेनिफर इन दिनों एक प्रभावशाली सलाहकार की भूमिका निभाती नजर आ रही हैं। पूर्व पत्रकार जेनिफर अपने पति के इंटरव्यू की तैयारी, स्टाफ के चयन और रणनीति तैयार करने में मौजूद रहती हैं। उनकी भूमिका तब विवादों में आई, जब वह उस सिग्नल चैट से जुड़ी बैठक में शामिल थीं, जिसमें यमन में अमेरिकी हमले की योजना साझा की गई थी। हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें सैन्य परिवारों से जुड़े मिलिट्री स्पाउस कमीशन का अध्यक्ष भी नियुक्त किया है।
ब्रिटिश अधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक में मौजूद थीं जेनिफर
जेनिफर का प्रभाव मार्च 2025 में उस समय भी चर्चा में आया, जब वह ब्रिटेन के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ हुई एक बेहद गोपनीय बैठक में मौजूद थीं। उस समय अमेरिका ने यूक्रेन के साथ सैन्य खुफिया जानकारी साझा करना रोक दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, जेनिफर की मौजूदगी से ब्रिटिश अधिकारी असहज हुए और उन्होंने संवेदनशील जानकारियां साझा करने से परहेज किया।
टीवी चैनल से शुरू हुई थी पीट और जेनिफर की कहानी
पीट और जेनिफर की दोस्ती 2014 में एक टीवी चैनल में हुई थी। उस समय पीट एंकर के तौर पर शो होस्ट करते थे, जबकि जेनिफर उनकी शो प्रोड्यूसर थीं। साथ काम करते-करते दोनों करीब आए और 2019 में शादी कर ली। दोनों की यह दूसरी शादी है। पीट अक्सर कहते रहे हैं कि ‘जीसस’ यानी ईश्वर और जेनिफर ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी है।
मीडिया पर सख्ती और पेंटागन की नई रणनीति
जेनिफर ने मीडिया के प्रति भी कड़ा रुख अपनाया। फरवरी 2025 में पेंटागन ने ‘मीडिया रोटेशन प्रोग्राम’ लागू किया, जिसके तहत कई मीडिया संस्थानों को पेंटागन के वर्कस्पेस से बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही जेनिफर रक्षा विभाग के वीडियो और रील्स के जरिए सैन्य गतिविधियों को युवा पीढ़ी, खासकर जेन-जी तक पहुंचाने की रणनीति में भी भूमिका निभा रही हैं।
सैन्य अधिकारियों के इंटरव्यू भी ले चुकी हैं
ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद जेनिफर ने रक्षा विभाग से जुड़े सैन्य अधिकारियों के करीब 40-40 मिनट लंबे इंटरव्यू लिए। इन बातचीत के दौरान उन्होंने अधिकारियों की मीडिया से निपटने की क्षमता को परखने के लिए तीखे सवाल पूछे। इससे पेंटागन में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
सैन्य अधिकारियों ने उठाए जेनिफर की भूमिका पर सवाल
हेगसेथ के साथ काम कर चुके पूर्व मुख्य प्रवक्ता जॉन उलीओट ने जेनिफर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा,'किसी रक्षा मंत्री का अपनी पत्नी को गोपनीय सैन्य कर्तव्यों में शामिल करना और उस पर कोई कार्रवाई न होना हैरान करने वाला है।' वहीं, सीनेटर क्रिस कून्स ने कहा कि रक्षा मंत्री को मिली उच्च-स्तरीय सुरक्षा मंजूरी ऐसी चीज नहीं है, जिसे वह अपनी पत्नी को सौंप सकें।
ये भी पढ़ें: इस्राइल को हथियार सप्लाई पर भड़का ईरान: फ्रांस और ब्रिटेन को दी दोटूक चेतावनी, बोला- ‘यह अपराधों में भागीदारी'
पेंटागन में नेतृत्व और प्रभाव को लेकर बढ़ते सवाल
एक तरफ हेगसेथ और सेना के शीर्ष अधिकारियों के बीच तनाव की खबरें सामने आ रही हैं, तो दूसरी तरफ उनकी पत्नी जेनिफर की पेंटागन में बढ़ती सक्रियता भी सवालों के घेरे में है। ड्रिस्कॉल के संभावित प्रस्थान, जनरल रैंडी जॉर्ज को हटाए जाने और स्थायी सेना प्रमुख की नियुक्ति न होने के बीच अमेरिकी सेना के शीर्ष नेतृत्व में अनिश्चितता बढ़ी है। इसी दौरान जेनिफर की संवेदनशील बैठकों, स्टाफ चयन और रक्षा विभाग की संचार रणनीति में भूमिका को लेकर भी बहस तेज हो गई है।