सौरव जोशी के वीडियो से मचा हड़कंप: मर्सिडीज ने अपनी लग्जरी कारों के लिए जारी की जरूरी एडवाइजरी

Published on 13 जुल॰ 2026

सौरव जोशी के वीडियो से मचा हड़कंप: मर्सिडीज ने अपनी लग्जरी कारों के लिए जारी की जरूरी एडवाइजरी

Published: Monday, July 13, 2026, 17:24 [IST]

मशहूर यूट्यूबर सौरव जोशी के एक वीडियो के वायरल होने के बाद मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने सोमवार सुबह एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। सौरव ने अपनी लग्जरी कार के खराब माइलेज को लेकर एक बहस छेड़ दी थी, जिसमें उन्होंने परफॉर्मेंस में आई अचानक गिरावट के लिए भारत में बदलते फ्यूल स्टैंडर्ड्स को जिम्मेदार ठहराया था। इस पोस्ट के बाद लग्जरी कार कंपनी ने तुरंत कदम उठाते हुए ग्राहकों के लिए फ्यूल कंपैटिबिलिटी (ईंधन अनुकूलता) को लेकर स्थिति साफ की है।

यह पूरा विवाद भारत के पेट्रोल पंपों पर तेजी से बढ़ रहे E20 फ्यूल के इस्तेमाल से जुड़ा है। पर्यावरण को फायदा पहुंचाने के लिए E20 में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। हालांकि नई कारें इस मिश्रण के हिसाब से तैयार की गई हैं, लेकिन पुराने मॉडल्स में माइलेज की थोड़ी कमी या तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। मर्सिडीज ने सलाह दी है कि कार मालिक अपने फ्यूल कैप या मैनुअल को जरूर चेक करें ताकि हर मॉडल के इंजन की जरूरतों का सही पता चल सके।

Mercedes-Benz India Issues Advisory After Sourav Joshi Viral Video on E20 Fuel Mileage Issues (2026)

माइलेज और फ्यूल क्वालिटी पर मर्सिडीज-बेंज इंडिया की E20 एडवाइजरी

मर्सिडीज की ज्यादातर भारत स्टेज 6 (BS6) गाड़ियां अलग-अलग इथेनॉल ब्लेंड्स को सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए डिजाइन की गई हैं। हालांकि, E10 के मुकाबले E20 फ्यूल के इस्तेमाल से फ्यूल एफिशिएंसी (FE) में थोड़ी गिरावट आ सकती है। जानकारों का मानना है कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शुद्ध पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी कम होती है। कार मालिकों को सलाह दी गई है कि वे कम से कम तीन बार फुल टैंक करवाकर माइलेज का हिसाब रखें, ताकि इसके असर का सही अंदाजा मिल सके।

फ्यूल का प्रकार इथेनॉल का प्रतिशत गाड़ियों के लिए अनुकूलता
E10 पेट्रोल 10 प्रतिशत पुराने BS4 और BS6 मॉडल्स
E20 पेट्रोल 20 प्रतिशत लेटेस्ट BS6 फेज 2 मॉडल्स

बार-बार अलग-अलग ग्रेड का फ्यूल मिलाने से बचें, क्योंकि इससे इंजन मैनेजमेंट सिस्टम में गड़बड़ी हो सकती है। भारत के कई शहरों में अब E20 पंप आम हो गए हैं, लेकिन उन पर लगे लेबल अक्सर काफी छोटे होते हैं। तेल भरवाने से पहले हमेशा पंप अटेंडेंट से इथेनॉल के प्रतिशत के बारे में जरूर पूछें। यह छोटा सा कदम इंजन की सेहत बनाए रखने में मदद करता है और यह सुनिश्चित करता है कि आपकी लग्जरी कार उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म करे।

यह वायरल मामला आज के समय में सभी गाड़ी मालिकों के लिए एक जरूरी सबक है। जैसे-जैसे फ्यूल स्टैंडर्ड्स बदल रहे हैं, अपनी कार की जरूरतों के प्रति अपडेट रहना उसकी लंबी उम्र के लिए बेहद जरूरी है। अगर आपको कार की पावर या माइलेज में लगातार कमी महसूस हो रही है, तो अपने लोकल सर्विस एडवाइजर से संपर्क करें। सही मेंटेनेंस और सही फ्यूल का चुनाव ही भारतीय सड़कों पर आपके ड्राइविंग अनुभव को बेहतर बनाए रखेगा।