पवन सिंह ने शाहपुर में भरत तिवारी के परिवार से की मुलाकात, भतीजी से बंधवाई राखी
भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने शाहपुर के बेलौटी गांव पहुंचकर भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने शाहपुर के बेलौटी गांव पहुंचकर भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
- Published: 24 Aug 2026, 04:34 PM IST
- Last Updated: 24 Aug 2026, 04:34 PM IST
Pawan Singh meets bharat tiwari family: भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार कहे जाने वाले पवन सिंह ने सोमवार तड़के करीब तीन बजे भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत बेलौटी गांव का दौरा किया। वह अचानक दिवंगत भरत तिवारी के घर पहुंचे, जिससे वहां मौजूद परिजनों और समर्थकों की आंखें नम हो गईं। इस अप्रत्याशित मुलाकात ने वहां के माहौल को बेहद भावुक बना दिया।
गांव पहुंचने के बाद पवन सिंह ने सबसे पहले घर में रखे भरत तिवारी के चित्र के समक्ष पहुंचकर उन्हें पुष्प अर्पित किए और अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने लगभग डेढ़ से दो घंटे तक लगातार पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर उनका हालचाल जाना।
भतीजी से बंधवाई राखी और दिया ढांढस
इस मुलाकात के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब पवन सिंह ने भरत तिवारी की भतीजी से राखी बंधवाई। परिवार के लोगों ने बताया कि इस दौरान अभिनेता ने ढांढस बंधाते हुए भोजपुरी में कहा, "भरत तिवारी हम बनब।" भरत तिवारी की माता आशा देवी के अनुसार, पवन सिंह ने इस पूरे मामले से जुड़ी सभी बारीक जानकारियों को गहराई से समझा और परिवार को यह आश्वस्त किया कि वह इस न्याय की लड़ाई में हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं।
सीएम से बात करने का दिलाया भरोसा
भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि पवन सिंह ने इस मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी बातचीत करने का ठोस आश्वासन दिया है। परिवार का मानना है कि एक बड़े चेहरे और कलाकार के इस प्रकार खड़े होने से उनकी उम्मीदों को एक नई मजबूती मिली है।
मीडिया से दूरी बनाए रखे पवन सिंह
भले ही पवन सिंह ने पीड़ित परिवार को खुलकर ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया, लेकिन इस पूरी यात्रा के दौरान वह मीडिया के कैमरों और बयानों से पूरी तरह दूरी बनाते नजर आए। हालांकि, उनके इस तरह अचानक पीड़ित के घर पहुंचने से यह साफ है कि मामला अब तूल पकड़ रहा है और परिवार को यह उम्मीद है कि उनकी आवाज अब सीधे शासन-प्रशासन के उच्च स्तर तक पहुंचेगी।