अकोला में अनुसूचित जाति जागृति ऐक्य परिषद संपन्न, आरक्षण उपवर्गीकरण पर हुई चर्चा
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सार
Akola Reservation Subclassification: अकोला में द्वितीय अनुसूचित जाति जागृति ऐक्य परिषद का आयोजन किया गया, जिसमें आरक्षण उपवर्गीकरण, सामाजिक विकास और डॉ. आंबेडकर के विचारों पर चर्चा हुई।

Bharat Mukti Morcha (सोर्सः सोशल मीडिया)
विस्तार
Akola Scheduled Caste Awareness Conference: अनुसूचित जाति आरक्षण के उपवर्गीकरण को सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ कई शर्तें जुड़ी हुई हैं। उपवर्गीकरण आबादी और सटीक अनुभवजन्य आंकड़ों पर आधारित होना चाहिए इस संदर्भ में बनी बजर समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए उपवर्गीकरण में आए क्रिमिलियर को निरस्त किया जाना चाहिए और आरक्षण में प्रकाशित पदनाम सूची में यदि किसी पद का आरक्षण उपयुक्त उम्मीदवार न मिलने पर ओपन से भरा जाएगा या नहीं, इस बारे में सरकार स्पष्ट करे।
केवल इन शर्तों के साथ ही वास्तविक अर्थ में अबकड तरीके का उपवर्गीकरण हो सकेगा, अन्यथा यह भ्रम साबित होकर उक्त वर्ग गहरी खाई में जायेगा। यह स्वर अनुसूचित जाति जागृति ऐक्य परिषद में सुनने को मिला। छत्रपति राजश्री शाहू महाराज की 152वीं जयंती के अवसर पर भारत मुक्ति मोर्चा, लहुजी क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय गुरु रविदास क्रांति मोर्चा और बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क की ओर से द्वितीय अनुसूचित जाति जागृति ऐक्य परिषद का आयोजन प्रमिलाताई ओक हॉल में किया।
अकोला में अनुसूचित जाति संगठनों की परिषद
असंतोष और जातियों के बीच नाराजी बढ़ी कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रा। विकास पाथरीकर ने कहा कि उपवर्गीकरण से अनुसूचित जाति प्रवर्ग में असंतोष और जातियों के बीच नाराजी बढ़ी है। किसी का विरोध या समर्थन करने से वह स्वयम आंबेडकरी सिद्ध नहीं होता पहले सरकार की नीति और संकल्पना को समझना जरूरी है। साथ ही यह भी जांचा जाना चाहिए कि अन्नाभाऊ साठे आर्थिक विकास महामंडल और वर्तमान आर्टी से कितनी वास्तविक प्रगति हुई है इन्हीं से इस ज्वलंत मुद्दे का उत्तर मिलेगा।
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आरक्षण उपवर्गीकरण पर नेताओं ने रखी राय
उद्घाटनकर्ता लक्ष्मणदादा घुमरे, गुरु रविदास चर्मकार महासंघ ने इस उपवर्गीकरण का प्रखर विरोध करते हुए कहा कि यह एक कट्टर सरकारी षड्यंत्र है, जो पिछड़ी जातियों को विकास से दूर करने का प्रयास है। मकसद आरक्षण को कम करने काकई वक्ताओं ने भी कहा कि उपवर्गीकरण का असल मकसद अनुसूचित जाति समूहों के भीतर आरक्षण को कम करना है।
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अकोला परिषद में प्रस्ताव पेश
इस संदर्भ में अनेक ने इसके कई उदाहरण दिए। कार्यक्रम का प्रास्ताविक राष्ट्रीय अन्याय अत्याचार निवारण शक्ति के विभागीय प्रभारी एड। सारंग निखाडे ने रखा। संचालन विजेंद्र वानखडे ने और आभार राजू वानखडे ने माना। कार्यक्रम में भारत मुक्ति मोर्चा, लहुजी क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय गुरु रविदास क्रांति मोर्चा तथा बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के अनेक पदाधिकारी और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
