नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो ने तहलका मचाया हुआ है, जिसमें कुछ लोग चलती ट्रेन के अंदर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को देखकर हर कोई हैरान था कि आखिर ट्रेन में ऐसा कैसे हो सकता है? लोगों के मन में उठ रहे तमाम सवालों के बीच अब उत्तर रेलवे ने खुद सामने आकर एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने सबको चौंका दिया है। रेलवे ने बताया है कि यह कोई आम डिब्बा नहीं था, बल्कि एक पार्टी ने पूरे 3,08,580 रुपये का एडवांस पेमेंट करके इस खास ‘सैलून कोच’ की कमर्शियल बुकिंग कराई थी। तो आइए जानते हैं कि आखिर ट्रेन में यह सैलून कोच क्या होता है और आप इसे कैसे बुक कर सकते हैं।
आखिर क्या होता है यह आलीशान ‘सैलून कोच’?
भारतीय रेलवे अपने यात्रियों की मांग और सहूलियत के हिसाब से कई वीआईपी सुविधाएं देता है, और यह ‘सैलून कोच’ उसी का एक शानदार हिस्सा है। यह ट्रेनों में लगने वाला कोई सामान्य कोच नहीं है, बल्कि यह पटरियों पर दौड़ता हुआ एक ‘चलता-फिरता लग्जरी कमरा’ है। यात्री की स्पेशल डिमांड पर इसे किसी भी रेगुलर ट्रेन के सबसे पीछे अलग से जोड़ा जाता है। इस कोच के अंदर आपको किसी फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं मिलती हैं, जिसमें आरामदायक बेड, सोफे, भव्य लिविंग और डाइनिंग एरिया के साथ-साथ शानदार बाथरूम भी होते हैं। इतना ही नहीं, इसमें एक छोटा किचन भी मौजूद होता है, जहां आप सफर के दौरान अपने परिवार के लिए गर्मागर्म खाना खुद तैयार कर सकते हैं।
कभी सिर्फ बड़े अफसरों का था राज, अब आप कैसे करें बुक?
एक वक्त था जब इस आलीशान सैलून कोच का इस्तेमाल सिर्फ रेलवे के टॉप अधिकारी ही अपनी इंस्पेक्शन के दौरान किया करते थे। आम लोगों का इसमें जाना मना था। लेकिन साल 2018 में रेलवे ने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए इसके दरवाजे आम जनता के लिए भी खोल दिए। अगर आप अपने पूरे परिवार या दोस्तों के साथ किसी ट्रिप पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप भी इसे बुक कर सकते हैं। इसकी ऑनलाइन बुकिंग आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘CHARTER TRAIN’ के विकल्प में जाकर की जा सकती है। हालांकि, इसके लिए आपको सफर से कम से कम 30 दिन पहले बुकिंग करनी होगी और लाखों रुपये के किराए के साथ-साथ एक मोटी रकम सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर जमा करानी होगी।
रुद्राभिषेक वाले वीडियो पर रेलवे ने किया बड़ा खुलासा
चलती ट्रेन में पूजा के वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए उत्तर रेलवे ने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है। रेलवे प्रशासन ने बताया कि इस सैलून कार को 8 जुलाई को आईआरसीटीसी के जरिए बाकायदा कमर्शियल तौर पर बुक किया गया था। पार्टी ने एडवांस में तीन लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान किया था, जिसके बाद 10 जुलाई को नई दिल्ली से मुंबई जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर- 12926) में इसे जोड़ा गया। रेलवे ने साफ किया है कि वीडियो में जो पुजारी रुद्राभिषेक करते दिख रहे हैं, वे उसी बुक किए गए प्राइवेट सैलून कार के अंदर पूजा कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान रेलवे की सुरक्षा, समय-पाबंदी और नियमों के साथ कोई भी समझौता नहीं किया गया है।
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