बद्रीनाथ हाईवे पर बड़ा भूस्खलन: यात्रा रुकी, यात्रियों के लिए प्रशासन की सख्त चेतावनी

Published on 27 अग॰ 2026

उत्तराखंड में जोशीमठ के पास हाथी पर्वत के निकट बृहस्पतिवार, 27 अगस्त 2026 की सुबह अचानक हुए एक बड़े भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे का एक हिस्सा बह गया। इस हादसे के बाद बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा रोक दी गई है। सड़क बहाली का काम शुरू होते ही पुलिस ने श्रद्धालुओं की गाड़ियों को सुरक्षित जगहों पर रोक दिया है। सामने आए वीडियो में हाईवे का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त नजर आ रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक आधिकारिक मंजूरी न मिले, वे आगे न बढ़ें।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लगभग 20 मीटर लंबी सड़क पूरी तरह तबाह हो चुकी है, वहीं मारवाड़ी चौकी की तरफ बड़े-बड़े पत्थर गिरने से रास्ता बंद है। सड़क दोबारा कब खुलेगी, इसे लेकर अभी कोई पक्का समय नहीं बताया गया है, और अगर बारिश जारी रही तो काम में और वक्त लग सकता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे फिलहाल घाटी वाले रास्तों पर जाने से बचें और जिला प्रशासन का अगला अपडेट आने तक जोशीमठ, पीपलकोटी या चमोली में ही रुकें। साथ ही, अपनी गाड़ियों में पर्याप्त ईंधन और पीने के पानी का इंतजाम रखें।

Badrinath Highway Landslide 2026: Travel Halted, Route Updates and Safety Guidelines

बद्रीनाथ हाईवे लैंडस्लाइड: लाइव अपडेट्स, QR वेरिफिकेशन और कंट्रोल रूम की पूरी जानकारी

चारधाम यात्रा के अपने रजिस्ट्रेशन को कंफर्म करने के लिए 'टूरिस्ट केयर उत्तराखंड' पोर्टल या ऐप का इस्तेमाल करें और चेकिंग प्वाइंट्स पर अपना QR कोड दिखाएं। यात्रा में रुकावट आने पर आप हेल्पलाइन की मदद से तारीखों में बदलाव भी करा सकते हैं। रास्ते और मौसम की पल-पल की जानकारी के लिए चमोली जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के नंबरों पर संपर्क करें और मौसम विभाग (IMD) के नाउकास्ट पर नजर रखें। वहीं, मंदिर से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए BKTC की मदद ली जा सकती है।

सुविधा / केंद्र हेल्पलाइन नंबर
टूरिस्ट केयर उत्तराखंड 1364, 0135-3520100
चमोली जिला कंट्रोल रूम 1077, 01372-251437
बीकेटीसी बद्रीनाथ तीर्थयात्री हेल्पलाइन +91-8979001008
आपातकालीन सेवा (ERSS) 112

चारधाम यात्री ध्यान दें: वैकल्पिक रास्ते, स्लॉट और ठहरने की व्यवस्था

हाथी पर्वत के आसपास फिलहाल कोई आधिकारिक वैकल्पिक रास्ता नहीं है। ऐसे में कच्चा रास्ता या भराव बनने के बाद ही गाड़ियों की आवाजाही चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। जब ट्रैफिक दोबारा चालू होगा, तो पुलिस टोकन या गेट सिस्टम लागू कर सकती है। अगर सलाह दी जाए, तो बसों या शेयरिंग टैक्सी का सहारा लें। जीएमवीएन जोशीमठ या बद्रीनाथ यात्री निवास में अपनी बुकिंग को होल्ड रखें और टूरिस्ट केयर हेल्पलाइन के जरिए यात्रा की नई तारीखों की जानकारी लें।

सड़क सुरक्षा: रॉकफॉल जोन, नाइट ड्राइविंग बैन और जरूरी किट

हेलांग-लंबगड़-विष्णुप्रयाग मार्ग पर अक्सर पहाड़ियों से पत्थर गिरने (रॉकफॉल) का खतरा रहता है। इसलिए रास्ते बंद होने पर नियमों का पालन करें और कभी भी कटिंग वाली ढलानों के नीचे वाहन न रोकें। यात्रा सीजन के दौरान राज्य सरकार ने चारधाम रूट पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक ड्राइविंग पर रोक लगा रखी है। अपने साथ टॉर्च, रेन कवर, रिफ्लेक्टिव ट्राइंगल, फर्स्ट-एड किट और पावर बैंक जरूर रखें। व्यावसायिक वाहनों को ट्रांसपोर्ट ग्रीन-कार्ड के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। आपात स्थिति के लिए ERSS 112 नंबर सुरक्षित रखें।