नेपाल पुलिस ने फिर जारी किया अलर्ट: तिब्बत में बांध टूटने की सूचना, लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील

Published on 28 अग॰ 2026

नेपाल पुलिस ने आज शुक्रवार को एक बार फिर अलर्ट जारी करते हुए कहा कि तिब्बत की तरफ पानी का बांध फिर टूटने की सूचना मिली है। पुलिस ने सुरक्षा कर्मियों, बचाव एवं राहत कार्यों में जुटे कर्मियों और आम लोगों से तत्काल सतर्क रहने की अपील की है।



नेपाल पुलिस ने क्या कहा? 


नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तिब्बती क्षेत्र में पानी का बांध फिर टूटने की जानकारी मिली है। इसके मद्देनजर सभी सुरक्षा कर्मियों, बचाव एवं राहत अभियान में शामिल लोगों और आम नागरिकों को तत्काल सतर्क रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। पुलिस ने लोगों से आसपास मौजूद अन्य लोगों को भी इस संभावित खतरे की सूचना देने की अपील की है। यह अलर्ट ऐसे समय जारी किया गया है जब नेपाल के कई इलाकों में हालिया बाढ़ और अचानक आई बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है।

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Nepal Police have issued an alert; tweets, "Information has been received that the water dam on the Tibetan side has burst again. Therefore, all security personnel, rescue workers involved in rescue and relief operations, and the general public are requested to remain immediately… pic.twitter.com/zLqKIim91D

— ANI (@ANI) August 28, 2026


नेपाल त्रासदी में अबतक कितने लोगों की मौत हुई? 


नेपाल पुलिस ने बताया कि रसुवा जिले में आई भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 469 हो गई। वहीं, 1400 से अधिक लोग लापता हैं। प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है, जो ट्रेकिंग, गाइडेड टूर या पवित्र हिंदू तीर्थस्थल की यात्रा के लिए क्षेत्र में पहुंचे थे।




नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 910 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अब तक 50 विदेशी नागरिकों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला गया है। लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिस के 85 सुरक्षाकर्मी तथा रसुवा जिले के 161 स्थानीय निवासी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर रिपोर्टिंग और बचाव कार्यों के बीच समन्वय की कमी के कारण हो सकता है।

हिमालयी क्षेत्र क्यों इतना संवेदनशील है?

नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ और आगे भी खतरा बरकरार रहने की एक बड़ी वजह यह है कि हिमालयी क्षेत्र और उसके आसपास का इलाका दुनिया के सबसे संवेदनशील और आपदा-संभावित क्षेत्रों में से एक है। यह संवेदनशीलता किसी एक कारण से नहीं, बल्कि इसकी अनोखी भौगोलिक बनावट, जमीन के अंदर चल रही गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन के मिले-जुले प्रभावों का परिणाम है।