राखी से पहले ही 'विष्णु भैया' ने दिया बहनों को तोहफा : चेहरों पर आई मुस्कान, त्योहार की खुशियों में लगे चार चांद - Haribhoomi

Published on 29 अग॰ 2026

राखी से पहले ही 'विष्णु भैया' ने दिया बहनों को तोहफा : चेहरों पर आई मुस्कान, त्योहार की खुशियों में लगे चार चांद

रक्षाबंधन से पहले CM विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के ₹631 करोड़ से अधिक 67.28 लाख महिलाओं के खातों में DBT से अंतरित किए।

Mahtari Vandan gift received ahead of Raksha Bandhan

रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया ने दिया महतारी वंदन का उपहार

  • Published: 29 Aug 2026, 04:44 PM IST
  • Last Updated: 29 Aug 2026, 04:44 PM IST

रायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुशियों की सौगात दी। बालोद जिले के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67 लाख 28 हजार 918 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ₹631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। रक्षाबंधन से ठीक पहले मिली इस आर्थिक सहायता ने त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया।

राखी से पहले 67 लाख से अधिक बहनों को आर्थिक संबल
डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों के चेहरे की मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन का मजबूत माध्यम बन रही है। इस अवसर पर बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों सहित पूरे प्रदेश की 67,28,918 महिलाओं के आधार-लिंक बैंक खातों में राशि डीबीटी के माध्यम से पहुंचाई गई।

डौंडीलोहारा स्टेडियम में आयोजित समारोह

सालाना ₹12 हजार का सहारा
महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की पात्र विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यानी प्रत्येक लाभार्थी महिला को सालाना ₹12,000 का सीधा आर्थिक संबल मिलता है। योजना की शुरुआत से अब तक सरकार द्वारा महिलाओं के खातों में लगभग ₹20,000 करोड़ से अधिक की राशि पहुंचाई जा चुकी है। वहीं, राज्य के बजट 2026-27 में योजना के लिए ₹8,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

रक्षाबंधन से पहले बालोद की धरती से बहनों के स्नेह, विश्वास और सशक्तिकरण का एक और सुंदर अध्याय जुड़ा।

आज प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि अंतरित की। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बहनों के आत्मविश्वास, स्वावलंबन और… pic.twitter.com/6EuVUhu9ou

— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) August 25, 2026

रक्षाबंधन से पहले मिली राशि
रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की किस्त मिलने से महिलाओं के लिए त्योहार की तैयारियां आसान हुई हैं। सरगुजा की सरिता राजवाड़े सहित कई लाभार्थी महिलाओं ने बताया कि इस राशि से वे राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ परिवार की दूसरी जरूरतें भी पूरी कर पा रही हैं। सरिता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राखी के पावन पर्व पर आर्थिक संबल मिलना उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उनके मुताबिक, योजना से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिल रही है।

सरिता राजवाड़े

प्रेमलता राठौर के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता का संबल
महतारी वंदन योजना की लाभार्थी प्रेमलता राठौर ने भी रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने पर खुशी जताई। उनका कहना है कि समय पर मिली आर्थिक सहायता से वे अपनी जरूरतों के साथ परिवार और अपने काम में भी सहयोग कर पा रही हैं। उनके अनुसार, यह राशि केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रति सम्मान, भरोसे और आत्मनिर्भरता का संदेश भी देती है।

प्रेमलता राठौर

पदमनी वैष्णव बोलीं- राखी की तैयारियों में मिली बड़ी मदद
लाभार्थी पदमनी वैष्णव ने बताया कि 31वीं किस्त की राशि खाते में पहुंचने से रक्षाबंधन का त्योहार और भी खुशी के साथ मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि राशि का उपयोग वे राखी, मिठाई और फल सहित त्योहार की तैयारियों में करेंगी। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलने से वे अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहतीं। त्योहार से पहले मिली राशि उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ खुशी और आत्मविश्वास का माध्यम बनी है।

पदमनी वैष्णव

महिला सम्मान से आत्मनिर्भरता तक सरकार का फोकस
महतारी वंदन योजना की नियमित किस्तों ने महिलाओं को घरेलू जरूरतों के लिए एक निश्चित आर्थिक सहारा दिया है। सरकार का जोर अब इस आर्थिक सहायता को महिलाओं की बचत, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर भी है। रक्षाबंधन से पहले जारी 31वीं किस्त इसी भाव को सामने रखती है—बहनों का मान, उनका सम्मान और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

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